वाराणसी, जेएनएन। उपभोक्ताओं के साथ कोई धोखा नहीं हो, इसके लिए गेल इंडिया लिमिटेड ने 'गेल पीएनजी' नाम से एक एप तैयार किया है। कंपनी ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वे किसी प्रकार की लेन-देन नकद नहीं करें। रजिस्ट्रेशन या गैस बिल का भुगतान गेल की वेबसाइट  या मोबाइल एप के माध्यम से ही करना सुरक्षित रहेगा।

आरोप है कि कुछ उपभोक्ताओं ने गेल अधिकारियों के पास किसी कर्मचारी द्वारा नकद भुगतान की शिकायत की थी। इसके बाद गेल प्रबंधन हरकत में आ गया। मुख्य प्रबंधक एवं मार्केटिंग इंचार्ज सुरेश तिवारी ने बताया कि प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा परियोजना के तहत शहरी गैस वितरण व्यवस्था चल रही है। इसके लिए 18 हजार घरों में गैस का इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया गया है। स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को रजिस्ट्रेशन शुल्क के नाम पर मात्र 300 रुपये व 18 फीसद जीएसटी यानी 354 रुपये ही देने होते हैं। बताया कि रजिस्ट्रेशन का कार्य गेल की ओर से कुछ अन्य एजेंसियों को दिया गया है। ऐसी शिकायत मिली है कि कुछ लोगों ने चेक न होने पर रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए नकद राशि ऑफर किया है, जो मान्य नहीं है। गेल में सारी प्रक्रिया डिजिटल एवं ऑनलाइन है, ताकि सबकुछ पारदर्शी रहे। ऐसे में उपभोक्ताओं को चाहिए कि किसी भी प्रकार की लेन-देन नकद नहीं करें। अगर कोई परेशानी हो तो गेल के टोल फ्री नंबर 1800123111 या मकबूल आलम रोड स्थित गेल के कार्यालय में शिकायत कर सकते हैं। 

31 मार्च तक 3500 से अधिक किचन में पीएनजी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर वाराणसी शहरी गैस वितरण परियोजना के तहत इस वित्तीय वर्ष यानी 31 मार्च तक 3500 से अधिक किचन में पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) पहुंच जाएगी। इसकी तैयारी जोरों पर है। फिलहाल शहर के करीब 3200 घरों में पीएनजी से खाना पकने लगा है। पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड ने गेल (इंडिया) लिमिटेड को पांच वर्षो में 50 हजार घरों को पीएनजी कनेक्टिविटी करने का लक्ष्य दिया है। शहर को स्वच्छ एवं पर्यावरण प्रदूषण से बचाने के लिए कंपनी ने सात सीएनजी स्टेशन भी स्थापित कर दिया है। मार्च तक 10 स्टेशन शुरू करने का दावा किया गया है।''

Posted By: Saurabh Chakravarty

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