वाराणसी : शाहंशाहपुर की मुसहर बस्ती में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद अपने हाथों से 'इज्जत घर' की आखिरी ईट जोड़ी। अब शौचालय को इसी नाम से जाना जाएगा। शनिवार को हुए स्वच्छता श्रमदान कार्यक्रम में खुद पीएम ने करनी उठाई और सीमेंट, बालू व पानी के मिश्रण से शौचालय के दो सोख्ता गड्ढे (ट्विन पिट) की अंतिम दो ईटें स्वयं जोड़ीं। इसी बहाने उन्होंने गांधी जयंती तक खुले में शौचमुक्त गांव का संकल्प भी दिलाया।

शाहंशाहपुर की मुसहर बस्ती में पीएम सुबह करीब 9.38 बजे पहुंचे। बस्ती के मदीना पत्‍‌नी राजकुमार और अरविंद पुत्र महेंद्र के घर पहुंचे। उनके साथ सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल राम नाईक व नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना भी मौजूद थे। वहां उन्होंने शौचालय के ट्विन पिट की आखिरी दो ईट रखी। उनकी बकायदा मसाले से जोड़ाई भी की। करनी से ठोक कर भी देखा कि जोड़ाई ठीक से हुई है अथवा नहीं। बाद में पीएम मदीना व अरविंद के परिवार से बात की, रोजगार के बारे में भी पूछा, संदेश दिया कि स्वच्छता से ही बीमारियों से बचा जा सकता है।

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टॉयलेट से हजारों बीमारियों का खर्च बचाया जा सकता है : पीएम

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि नवरात्र के पावन अवसर पर इतना पुनीत कार्य करने का अवसर मिला। जिन्हें यह बात समझ में आ गई है कि गंदगी से वे अपना कितना नुकसान कर रहे हैं तो शौचालय जरूर बनवा लिए होंगे। जिन्हें नहीं समझ में आई है, वे एक दिन इज्जत घर से जुड़ेंगे। वे यूनीसेफ की रिपोर्ट देख रहे थे कि घर में टायलेट हो तो 50 हजार रुपये बीमारियों पर खर्च परिवार बचा सकता है। यहां अब कोई भी खेतों में शौच को नहीं जाएगा, यह जनसमुदाय ने निर्णय ले लिया है।

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प्रधानमंत्री ने थपथपाई पीठ

स्वच्छता निगरानी समिति की श्वेता, आराधना व मानसी ने पीएम का स्वागत किया। पीएम ने समिति सदस्यों से उनका काम भी पूछा। उन्होंने बताया कि हम निगरानी समिति के सदस्य हैं, जो खुले में बाहर जाते हैं, उन्हें समझाते हैं और मना करते हैं। फिर स्वच्छग्राही ऊदल प्रताप ने बताया कि वे गांव में सुबह व शाम फालोअप करते हैं। सीटी बजाते हैं और लोगों को जागरूक करते हैं। बाहर जाने वालों को गांधीगीरी से समझाते हैं। इसपर पीएम ने ऊदल की पीठ ठोंकी।

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सफाई के साथ शौचालय इस्तेमाल की नसीहत दे गए पीएम

ट्विन पिट की नींव रखने के बाद पीएम ने अरविंद व मदीना से बात की। उनके परिवार को पूरी साफ-सफाई के साथ शौचालय का इस्तेमाल करने की नसीहत दी। मदीना से पूछा कि क्या उनका बच्चा स्कूल जाता है, इस पर जवाब मिला हां। मदीना के ससुर से पूछा कि क्या आपका बेटा राजकुमार परिवार का खर्च उठा रहा है, वे बोले हां। इस तरह दोनों परिवारों से बारी-बारी से बात की।

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तीन दिन में तैयार हुआ शौचालय

दोनों शौचालय व उनके ट्विन पिट को तैयार करने में तीन दिन लगे। सीडीओ सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि प्रति शौचालय का निर्माण कराने के लिए दोनों लाभार्थियों को 12-12 हजार रुपये की धनराशि आवंटित कराई गई है। पिट पर ढक्कन रखने का काम कराया जाएगा।

Posted By: Jagran