वाराणसी : स्वच्छ काशी व सुंदर काशी से एक कदम आगे बढ़ते हुए पीएम नरेंद्र मोदी परियोजनाओं के बहाने शहर में स्वच्छ भारत व निर्मल गंगा का संदेश भी देते गए। सीवर से जुड़ी परियोजनाओं के बहाने वे गंगा व वरुणा के प्रति संवेदना का अहसास भी करा गए। यह प्रोजेक्ट बहुत जल्द धरातल पर उतरने वाले हैं, कुछ पर काम चल भी रहा। बहुत जल्द काशी स्वच्छता के फलक पर छाएगा।

सबसे बड़ा प्रोजेक्ट रमना सीवरेज प्लांट है, जो करीब 153 करोड़ रुपये से जमीन पर उतरना है। इसका निर्माण कार्य अब यूपी जल निगम नवंबर के पहले सप्ताह से जरुर कर देगा। इसके बनकर तैयार होते ही सीवर समस्या से निजात मिलेगी। इस बड़ी परियोजना पर प्रधानमंत्री का ध्यान जाने के बाद अब गोइठहां के पास 120 एमएलडी क्षमता के एसटीपी व दीनापुर एसटीपी पर भी निगाह पैनी होगी। दोनों सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के धरातल पर उतरने के बाद वर्ष 2035 तक सीवेज ट्रीटमेंट की व्यवस्था बेहतर हो जाएगी। वरुणा इलाके में अभी सीवर की कोई लाइन नहीं है, नालियों के सहारे दूषित पानी बह रहा है। इस इलाके में हर घर को सीवरलाइन से जोड़ने का काम शुरू हुआ है। प्रोजेक्ट का शिलान्यास प्रधानमंत्री ने किया है, इसलिए अब और गति योजना को मिलेगी। कुल 50 हजार कनेक्शन देने की योजना है, जिसे बाद में गोइठहां एसटीपी से जोड़ना है। यह सीवर ट्रीटमेंट प्लांट भी 70 फीसद बनकर तैयार हो चुका है। 163 करोड़ रुपये से सीवर लाइन बनाने का काम तेज हो गया है।

पहड़िया वेस्ट टू इनर्जी प्लांट से कूड़ा निस्तारण का काम आसान

पांच टन कूड़े से पहड़िया में रोजाना 900 यूनिट बिजली उत्पादन का प्लान जल्द साकार होगा, इस प्रोजेक्ट का भी लोकार्पण सीएम ने कर दिया है। इसमें सब्जी मंडियों से निकलने वाले आर्गेनिक वेस्ट से बिजली उत्पादन होगा। इंडियन आयल कारपोरेशन के सीएसआर फंड से इसका निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, अब ट्रायल के रूप में बिजली बनने भी लगी है। मुंबई की कंपनी आर्गेनिक रिसाइकिलिंग सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड ने सारा काम पूरा कर लिया है। प्रोजेक्ट मैनेजर आशीष सिंह के अनुसार बहुत जल्द कूड़े से बनी बिजली से तमाम घर रोशन हो सकेंगे।

Posted By: Jagran