वाराणसी, जेएनएन। पड़ाव से वीडियो लिंक के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की तीसरी कारपोरेट ट्रेन काशी-महाकाल एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ट्रेन के चलते ही श्रीकाशी विश्वनाथ की काशी, महाकाल का उज्जैन व ओमकालेश्वर का इंदौर सीधे जुड़ गया। साथ ही काशी-महाकाल एक्सप्रेस के जिस टूर पैकेज का इंतजार लोगों को था वह भी आइआरसीटीसी ने शुरू कर दिया। काउंटर के अलावा आइआरसीटीसी की वेबसाइट व मोबाइल एप के माध्यम से बुकिंग शुरू हो गई। यही नहीं ट्रेन में यात्रा के दौरान भी ऑनबोर्ड बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

रवानगी से पहले कैंट स्टेशन का प्लेटफार्म नंबर सात शहनाई वादन व भजन से गूंजता रहा। वीडियो लिंक के जरिए दोपहर 1.48 बजे पीएम नरेंद्र मोदी ने जैसे ही हरी झंडी दिखाया फूलों से सजी ट्रेन रवाना हो गई। इस दौरान पूरा प्लेटफार्म हर-हर महादेव के उद्घोष से गूंज उठा। लोगों ने ट्रेन में सवार होने वालों पर पुष्प वर्षा की। कैंट स्टेशन पर आइआरसीटीसी (टूरिज्म एंड मार्केटिंग) की निदेशक रजनी हसीजा बी-1 कोच में फीता काटकर औपचारिकता निभाई। इस मौके पर सीआरएम अश्विनी श्रीवास्तव, डीआरएम उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल संजय त्रिपाठी, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार, एडीआरएम रवि प्रकाश चतुर्वेदी, स्टेशन निदेशक आनंद मोहन आदि मौजूद थे।

पहले दिन की यात्रा में वाराणसी के लोको पायलट आरके सिंह, सह पायलट मिथलेश कुमार के अलावा गार्ड आरपी शाही व क्रू मेंबर एसबी पाडेय व एके सिंह, गार्ड आरपी शाही सहित आइआरसीटीसी के 20 अधिकारी व कर्मचारी ट्रेन में सवार थे। सभी उत्साहित थे। बोगियों को डॉग स्क्वायड व सुरक्षा एजेंसियों ने चेक किया। पहले दिन प्रयागराज रूट से ट्रेन गई। 19 घंटे में उज्जैन पहुंचेगी।

कर्मचारी संगठन के हाथ लगी विफलता सरकार की नीतियों के खिलाफ उतरे कर्मचारी संगठन के सदस्यों ने कैंट स्टेशन पर विरोध प्रदर्शन किया। काशी-महाकाल एक्सप्रेस उद्घाटन समारोह में खलल डालने का प्रयास भी किया। हालांकि स्टेशन बिल्डिंग में प्रवेश करने से पहले ही फोर्स ने उन्हें रोक दिया। मौके पर पहुंचे मंडल कार्मिक अधिकारी को यूआरएमयू और एनआरएमयू के सदस्यों ने माग पत्र सौंपा।

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