वाराणसी, जागरण संवाददाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को वाराणसी पहुंचे तो यह महत्वपूर्ण मौका था विधानसभा चुनाव 2022 के बाद जनता से सीधे संवाद का। इस दौरान उन्होंने विकास योजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के जरिये लोकसभा चुनाव की तैयारियां भी परखीं। दस प्रमुख बिंदुओं में समझें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वाराणसी दौरे का महत्व...

1- विधानसभा में जीत का आभार : विधानसभा चुनाव प्रचार के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहली बार काशी पहुंचे और जनसंवाद किया है। इसके पूर्व भी वह प्रचार और जीत के बाद काशी का आभार जताने आते रहे हैं। इस लिहाज से चुनाव के बाद दोबारा डबल इंजन की सरकार चयन के बाद जनसंवाद का मकसद जनता का आभार और सरकार के प्रति भरोसा और आशीर्वाद भी था। ऐसे में पीएम की यह जनता को आभार सरीखी यात्रा भी मानी जा रही है।

2- विकास का भरोसा : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने हर दौरे में जनता को को कुछ रिटर्न गिफ्ट देते रहे हैं। ऐसे में जनता को करीब दो हजार करोड़ की योजनाओं की सौगात के जरिये पीएम ने डबल इंजन की सरकार बनाने के लिए रिटर्न गिफ्ट भी दिया है।

3- लोकसभा चुनाव की तैयारी : लोकसभा चुनाव में अब दो साल से कम का समय शेष है। ऐसे में परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के जरिये जनता को विकास का भरोसा भी पीएम दे गए हैं। ऐसे में लोस चुनाव के पूर्व विकास की परियोजनाओं के समय से पहले पूरा करने के साथ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

4- जनता से संवाद : एयरपोर्ट पर उतरने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनता से संवाद शुरू कर दिया। खिलाड़ियों से मुलाकात के साथ काशी के लोगों और बच्चों संग संवाद कर उनमें न सिर्फ प्रेरणा भरी बल्कि उनकी बातों और मांगों को गौर से सुना और गुना।

5- पार्टी पदाधिकारियों से फीडबैक : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समय निकालकर पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से मेल मुलाकात कर न केवल उनसे कुशलक्षेम पूछी बल्कि पीएम ने काशी और पूर्वांचल में विकास का फीडबैक भी लिया। कार्यकर्ताओं को किसी संगठन का रीढ़ मानने वाले पीएम हर दौरे पर उनसे फीडबैक लेना नहीं भूलते।

6- विकास का खाका : काशी में बतौर सांसद पीएम नरेन्द्र मोदी पूर्व में भी विकास योजनाओं का खाका खींचते रहे हैं। इस बार भी 1500- 2000 करोड़ के बीच की परियोजनों से काशी के विकास की रूपरेखा खींची और जनहित की प्राथमिकताओं को समय से पूरा होने पर भरोसा भी जताया।

7- विपक्ष को घेरा : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चंद घण्टों की यात्रा के दौरान सभा और संवाद के दौरान विपक्ष को खूब घेरा। उन्होंने अब तक विकास से अछूते रहे क्षेत्रों के लिए कभी सत्ता में रहे और अब विपक्षी दल की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया।

8- काशी से नाता : हर दौरे पर पीएम काशी से रिश्तों को जोड़ने का कोई मौका नहीं छोड़ते। आगामी सावन माह सहित बाबा विश्वनाथ से रिश्तों को हर दौरे पूरे मनोयोग से निभाते और परंपरा को पूरा करते हैं। ठेठ बनारसी मिजाज और भोजपुरी संवाद के जरिये उन्होंने लोगों के दिलों में अपनी विशेष जगह बना रखी है।

9- काशी के कारोबार को संजीवनी : पीएम के स्वागत में बनारसी गमछे से लेकर बनारसी उत्पादों की भेंट वोकल फॉर लोकल की संकल्पना को पीएम कई बार दोहरा चुके हैं। इस बार भी भेंट में एयरपोर्ट पर भगवा गमछा जिसमें काशी में स्वागत उकेरा गया था वह खूब चर्चा में रहा। पूर्व में विदेश दौरे पर ओडीओपी के उत्पाद राष्ट्राध्यक्षों को भेंट कर चुके हैं।

10- रणनीति पर मंथन : पीएम मुख्यमंत्री और मंत्रियों संग कई बार गुफ्तगू करते नजर आए। माना जा रहा है कि जनता का रुझान और आगामी विकास की परियोजनाओं और महत्वपूर्ण विषयों पर भी उन्होंने मंथन कर यूपी में सियासी रणनीति पर भी महत्वपूर्ण फीडबैक हासिल किया है।

Edited By: Abhishek Sharma