वाराणसी एयरपोर्ट से इंडिगो के पायलट ने विमान मुंबई ले जाने से किया इनकार, यात्रियों ने किया हंगामा
वाराणसी एयरपोर्ट पर इंडिगो के एक पायलट ने मुंबई जाने वाली उड़ान भरने से इनकार कर दिया, जिससे यात्रियों में ...और पढ़ें
HighLights
इंडिगो पायलट ने वाराणसी से मुंबई उड़ान भरने से मना किया।
यात्रियों ने एयरपोर्ट पर जमकर हंगामा और विरोध प्रदर्शन किया।
एयरलाइन प्रबंधन वैकल्पिक क्रू व्यवस्था में जुटा, स्थिति संभाली।
जागरण संवाददाता (बाबतपुर) वाराणसी। काशी के लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मुंबई जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट (6E 6544) के पायलट ने अचानक तबीयत खराब होने से विमान उड़ाने से इनकार कर दिया। हालांकि बोर्डिंग अभी शुरू नहीं हुई थी, बल्कि उसकी तैयारियां चल रही थीं और सभी यात्री टर्मिनल बिल्डिंग के सिक्योरिटी होल्ड एरिया (एस एच ए ) में अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।
सिक्योरिटी होल्ड एरिया में मचा हंगामा
निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक इंडिगो की यह उड़ान वाराणसी से मुंबई के लिए रवाना होने वाली थी। यात्री सुरक्षा जांच पूरी कर सिक्योरिटी होल्ड एरिया में बैठे थे और बोर्डिंग की घोषणा का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच यह सूचना फैली कि पायलट ने अपनी तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए विमान उड़ाने से मना कर दिया है। ऐन वक्त पर मिली इस जानकारी से यात्रियों में खलबली मच गई।
यात्रियों का फूटा गुस्सा
अचानक उड़ान में देरी या अनिश्चितता की खबर सुनते ही सिक्योरिटी होल्ड एरिया में मौजूद यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा। यात्रियों ने एयरपोर्ट परिसर में जमकर हंगामा शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि एयरलाइन प्रबंधन की ओर से समय पर उचित सूचना नहीं दी जा रही थी और आखिरी समय में इस तरह की अड़चनों से उनका पूरा शेड्यूल बिगड़ गया है।
सामने आया ड्यूटी का पेंच
सूत्रों के अनुसार, संबंधित पायलट की ड्यूटी का निर्धारित समय पूरा हो चुका था, जिसके कारण वह नियमानुसार आगे की उड़ान से पहले विश्राम चाह रहा था। ड्यूटी रोस्टर और प्रबंधन के बीच समन्वय की कमी के चलते यह स्थिति उत्पन्न हुई।

दोपहर करीब ढ़ाई बजे विमान यात्रियों को लेकर रवाना हो सका।
वैकल्पिक व्यवस्था में जुटा प्रबंधन
यात्रियों के कड़े विरोध और हंगामे को देखते हुए इंडिगो प्रबंधन हरकत में आया। एयरलाइन अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वैकल्पिक क्रू मेंबर या दूसरी व्यवस्था के इंतजाम शुरू कर दिए, ताकि यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा सके।
दिसंबर में भी ग्राउंड करना पड़ा विमान था
25 दिसंबर 2025 को भी इसी तरह की घटना हुई थी जब कोलकाता से वाराणसी पहुंचे विमान को क्रू मेंबर्स ने एफडीटीएल नियम के तहत विमान उड़ाने से इनकार कर दिया। जिस कारण विमान को एयरपोर्ट पर ही ग्राउंड करना पड़ा था और विमान से कोलकाता जाने वाले यात्रियों को होटल में ठहराया गया। विमान यात्री अगले दिन यानी 26 दिसंबर को सुबह कोलकाता जा सके।
क्रू मेंबर्स की भी दिक्कत
इसका सबसे बड़ा कारण यह था कि वाराणसी में क्रू मेंबर्स की उपलब्धता नहीं हैं। क्रू मेंबर्स दिल्ली, मुंबई, बैंगलुरु जैसे बड़े शहरों में रहते हैं।इसके पहले भी वाराणसी एयरपोर्ट पर इस तरह की घटना हुई थी जिसमें पायलट ने तबीयत खराब होने का हवाला देकर विमान उड़ाने से इनकार कर दिया था। जिसके बाद दिल्ली से आने वाले विमान से पायलट बुलाया गया और विमान लगभग चार घंटे की देरी से रवाना हो सका। लेकिन 25 दिसंबर को जब कोलकाता से विमान वाराणसी पहुंचा तब शाम हो चुकी थी। एयरलाइंस ने दिल्ली मुख्यालय संपर्क कर क्रू मेंबर्स बुलाने का अनुरोध किया था लेकिन शाम को आने वाली सभी उड़ानें रद थीं इसलिए क्रू मेंबर्स नहीं आ सके और विमान को ग्राउंड करना पड़ा।
अहमदाबाद से आने वाले विमान से पायलट आएगा तब जा सकेगा विमान
विमानन कंपनी के अधिकारियों ने यात्रियों को बताया कि अहमदाबाद से आने वाली फ्लाइट से अतिरिक्त क्रू मेंबर्स आयेंगे तब विमान यहां से रवाना होगा। बता दें कि अहमदाबाद से वाराणसी आने वाली फ्लाइट 6 ई 6805 दोपहर 1:10 बजे अहमदाबाद से वाराणसी आती है लेकिन गुरुवार को उक्त विमान दोपहर करीब डेढ़ बजे वाराणसी पहुंचेगी उसी विमान से क्रू मेंबर्स आएंगे और विमान को मुंबई लेकर रवाना होंगे।
हंगामे के बाद यात्रियों को दिया गया नाश्ता
विमान विलंब होने की सूचना के बाद जब यात्रियों ने हंगामा शुरू किया तो विमानन कंपनी के अधिकारियों ने उन्हें समझा बुझाकर शांत कराया और उन्हें नाश्ते की व्यवस्था कराई गई।
क्रू मेंबर्स के लिए क्या है ड्यूटी का नियम
विमान चालक दल के सदस्यों (क्रू मेंबर्स) के लिए थकान नियंत्रण और सुरक्षा हेतु डीजीसीए (DGCA) के नए एवं कड़े एफडीटीएल (FDTL - Flight Duty Time Limitations) नियम लागू हैं। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य हवाई यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और क्रू सदस्यों को अत्यधिक थकान से बचाना है।
नियमों के मुख्य बिंदु
दैनिक कार्य अवधि (FDP): एक दिन में क्रू मेंबर की अधिकतम ड्यूटी फ्लाइट के समय और लैंडिंग की संख्या के आधार पर तय होती है, जो सामान्यतः 8 से 13 घंटे के बीच सीमित रहती है। रात के समय ड्यूटी होने पर इस सीमा को और घटा दिया जाता है।
फ्लाइंग ऑवर्स की सीमा: पायलट और केबिन क्रू के लिए साप्ताहिक और वार्षिक उड़ान घंटे निर्धारित किए गए हैं, जिसमें साप्ताहिक सीमा आमतौर पर करीब 35 घंटे और वार्षिक सीमा लगभग 1000 घंटे होती है।
विश्राम अवधि (Rest Period): दो उड़ानों के बीच या ड्यूटी समाप्त होने के बाद पर्याप्त विश्राम अनिवार्य किया गया है, जो पिछली ड्यूटी के घंटों या कम से कम 12 घंटे (जो भी अधिक हो) पर आधारित होता है।
साप्ताहिक अवकाश: शारीरिक और मानसिक रिकवरी के लिए क्रू सदस्यों को नियमित अंतराल पर लगातार 36 से 48 घंटे के साप्ताहिक विश्राम दिए जाते हैं।
नाइट लैंडिंग और टाइम जोन: रात के समय उड़ानों का संचालन करने या विभिन्न टाइम जोन पार करने पर एफडीटीएल की सीमाएं सख्त हो जाती हैं और विश्राम का समय बढ़ा दिया जाता है।
