वाराणसी, जेएनएन। प्रदूषण को लेकर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण सख्त हो गया है। दिल्ली में कबाड़खाने पर सख्ती के बाद अब बनारस में भी इस पर कार्यवाही करने की तैयारी हो होने लगी है। इसके लिए नगर निगम प्रशासन रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। नगर आयुक्त के नए आदेश के अनुसार सार्वजनिक स्थल पर मलबा, निर्माण सामग्री व कबाड़ आदि फेंकने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।

प्रदूषण को लेकर एनजीटी के आदेश पर नगर निगम ने शहरी सीमा से पशुपालकों को बाहर करना शुरू कर दिया है। इसके तहत 52 से अधिक पशुपालकों पर कार्यवाही कर दी गई है। एफआइआर दर्ज कराने के अलावा 42 हजार रुपये से अधिक का जुर्माना वसूल किया गया है। नगर निगम के दबाव का असर हुआ कि अब तक करीब एक सौ पशुपालकों ने कैटल कालोनी में शिफ्ट होने के लिए पंजीयन करा लिया है। वाराणसी विकास प्राधिकरण की ओर से चोलापुर ब्लाक में दो स्थानों पर कैटल कालोनी बसाई जा रही है। इसमें उनकी सुविधाओं का पूरा ख्याल रखा जाएगा। इसी प्रकार अब कबाड़खाने को लेकर भी कार्यवाही होगी।

ऐसे लोगों को नगर के बाहर किया जाएगा ताकि नगर में प्रदूषण को कम किया जा सके। वर्तमान में नगर की घनी आबादी के बीच कबाड़ का कारोबार हो रहा है। कारोबारियों ने गोदाम बना रखा है जिसमें भारी मात्र में कबाड़ लंबे समय तक रखा जा रहा है। प्लास्टिक कारोबार भी इन्हीं कारोबारियों की ओर से किया जा रहा है। आबादी के बीच ही प्लास्टिक को साफ करने का काम किया जा रहा है।  

Posted By: Abhishek Sharma

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप