वाराणसी । पुराणों से भी प्राचीन मानी जाने वाली काशी नगरी में बीते पांच सितंबर से अर्दली बाजार में दो पालियों में चार पुलिस कर्मी पीपल के पौधे की प‍रवरिश में लगे हुए हैं। आस- पास के लोग भी इतनी कड़ी सुरक्षा को लेकर हैरान हैं कि आखिर क्‍यों एक 'पीपल' की परवरिश यूपी पुलिस के चार सिपाही कर रहे हैं। इतना ही नहीं वहां पर पीपल की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरा भी लगा हुआ है।

आखिर क्‍या है पीपल का राज

दरअसल वाराणसी स्थित अर्दली बाजार में पीपल का एक पुराना पेड़ सूख गया तो भाजपा विधायक रवींद्र जायसवाल ने वहां पर दूसरा पीपल का पौधा बरसात में रोप दिया। मगर वहां के लोगों ने इस बात की शिकायत जिला प्रशासन से की तो पुलिस ने हस्‍तक्षेप करते हुए वहां से पीपल को हटा कर कैंट थाने में पहुंचा दिया। मगर बाद में उस स्‍थान के महत्‍व को देखते हुए पीपल को प्रशासन ने वहीं रोपना उचित समझा। इसके बाद थाने से वह पौधा अर्दली बाजार में फ‍िर से उसी जगह रोप दिया गया। 

विवाद की वजह से बढ़ी सुरक्षा

पीपल के पौधे को लेकर बीते दिनों हुए विवाद की वजह से जिला प्रशासन ने हस्तक्षेप करते हुए पीपल का पौधा पुन: वहीं रोप तो दिया मगर सुरक्षा में चार सिपाहियों को भी दो शिफ्ट में तैनात कर दिया गया, ताकि कोई नुकसान न पहुंचा सके। वहीं इसकी सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे से निगरानी भी की जा रही है। लगभग बारह घंटों की एक पाली में दो सिपाही लगातार पौधे की निगहबानी करते रहते हैं तो दूसरी पाली शुरु होने के बाद ही वह अपनी जिम्‍मेदारी से मुक्‍त होते हैं। 

सुरक्षा की हो रही चर्चा

अर्दली बाजार में पुलिस को पीपल के पौधे की सुरक्षा करते देख कर लोग आपस में सवाल भी कर रहे हैं कि आखिर एेसा क्‍या है इस पीपल में जिसकी सुरक्षा चौबीसों घंटे हो रही है। पुराने विवाद को जानने वाले भी अब सप्‍ताह भर में पीपल की सुरक्षा को लेकर पुलिस की तैनाती के अभ्‍यस्‍त हो गए हैं। वहीं इस मामले में कैंट इंस्‍पेक्‍टर राजीव रंजन का कहना है कि सुरक्षा के लिहाज से अस्‍थाई पुलिस पिकेट की यहां तैनाती की गई है। 

Posted By: Abhishek Sharma