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बीएचयू में पद्मश्री डॉ. टीके लाहिड़ी से मारपीट का मामला फिर गरमाया, प्रो. ओमशंकर ने जारी किया वीडियो, बोले- 'चश्मदीद बताएगा पूरी सच्चाई'

By Vns Shailesh Asthana Edited By: Abhishek sharma
Published: Mon, 21 Sep 2026 02:26 PM (IST)

काशी हिंदू विश्वविद्यालय में पद्मश्री डॉ. टीके लाहिड़ी से मारपीट का मामला फिर गरमा गया है। प्रोफेसर ओमशंकर ने एक ...और पढ़ें

HighLights

  1. पद्मश्री डॉ. टीके लाहिड़ी से मारपीट का मामला फिर गरमाया।

  2. प्रोफेसर ओमशंकर ने डॉ. अरविंद पांडे पर गंभीर आरोप लगाए।

  3. जांच रिपोर्ट सार्वजनिक न होने पर उठाए गए सवाल।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। पद्मश्री डाक्टर टीके लाहिड़ी से मारपीट का मामला फिर गरमाया है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में हुई इस घटना की जांच के लिए बीएचयू और जिला प्रशासन ने कमेटी गठित की थी, लेकिन अब तक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। इस बीच, प्रोफेसर डॉ. ओमशंकर ने एक वीडियो जारी कर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि घटना के समय मौके पर मौजूद एक चश्मदीद ने उन्हें पूरी जानकारी दी है।

प्रोफेसर ओमशंकर ने फेसबुक पर पोस्ट करते हुए बताया कि 29 अगस्त 2026 को सुबह करीब 11 बजे डॉ. अरविंद पांडे ने डाक्टर लाहिड़ी के साथ कथित तौर पर थप्पड़ और घूंसों से मारपीट की। उन्होंने कहा कि उस समय डाक्टर लाहिड़ी स्वस्थ महसूस कर रहे थे और घर जाने की इच्छा जता रहे थे। ओमशंकर का दावा है कि उन्होंने खुद डाक्टर लाहिड़ी से मुलाकात की थी और उन्हें मनोरोग संबंधी कोई लक्षण नहीं दिखे।

प्रोफेसर ओमशंकर ने घटना के दिन की तस्वीरों का हवाला देते हुए कहा कि डाक्टर लाहिड़ी की आंख और भौंह के आसपास सूजन और नीले निशान थे। उन्होंने गाल और ललाट पर उंगलियों के निशान तथा नाक के पास खून आने की बात भी कही। बाईं आंख के आसपास भी चोट के निशान होने का दावा किया गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि मामले के सामने आने के बाद डॉ. अरविंद पांडे ने आइएमएस बीएचयू के व्हाट्सऐप ग्रुप में डाक्टर लाहिड़ी पर बल प्रयोग किए जाने की बात स्वीकार की थी, लेकिन इस संदेश की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ओमशंकर ने कहा कि घटना के बाद बढ़ते दबाव के बीच स्वास्थ्य परीक्षण समिति गठित की गई, लेकिन उसकी रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब डाक्टर लाहिड़ी देश के प्रतिष्ठित पद्मश्री सम्मान से सम्मानित और वरिष्ठ चिकित्सक हैं, तो जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने में देरी क्यों हो रही है।

अस्पताल प्रशासन पर भी आरोप लगाते हुए प्रोफेसर ओमशंकर ने कहा कि सर सुंदरलाल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक के कथित बयानों पर सवाल उठाया। उनका कहना है कि अस्पताल प्रशासन घटना से इनकार करता रहा, जबकि उस समय ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों से जानकारी लेकर मामले की वास्तविकता सामने लाई जा सकती थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना के समय मौजूद कर्मचारियों पर दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें नौकरी से हटाने की धमकी दी जा रही है।

प्रोफेसर ओमशंकर ने कहा कि उनके पास घटना के एक चश्मदीद का बयान है, जो बताएगा कि डाक्टर लाहिड़ी के साथ उस दिन वास्तव में क्या हुआ था। उनके अनुसार, चश्मदीद के सामने आने से मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। इस मामले में आगे की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इस संबंध में उन्‍होंने फेसबुक पर तस्‍वीरें और वीड‍ियो जारी क‍िया है।