मऊ, जेएनएन। जिला अस्पताल में जल्द ही आक्सीजन का नया प्लांट लगाया जाएगा, जिससे जिले में हो रही आक्सीजन की किल्लत को खत्म किया जाएगा। बुधवार को सीडीओ राम सिंह वर्मा और सीएमओ सतीश चंद्र सिंह ने जगह के जिला अस्पताल के इमरजेंसी के बगल में स्थित एक भवन का निरीक्षण किया। जहां प्लांट के लिए जल्द ही भवन तैयार किया जाएगा।

पूरे देश में इस समय कोरोना संक्रमण से हाहाकार मचा हुआ है। संक्रमण इतनी तेजी से पांव पसार रहा है कि इसकी चपेट में आने के बाद से मरीज को तत्काल आक्सीजन की कमी हो जा रही है। समय से आक्सीजन नहीं मिलने से मरीज दम तोड़ रहे है। वही विशेषज्ञ कोरोना की तीसरी लहर का भी अंदेशा लगा रहे हैं। इससे निपटने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तैयारी कर रहा है। इसके चलते पिछले कुछ दिनों से जिले में आक्सीजन प्लांट के लिए जगह की तलाश की जा रही थी। इसी क्रम में बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी राम सिंह वर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सतीशचंद्र सिंह ने जिला अस्पताल के इमरजेंसी के बगल में स्थित जगह का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद सीडीओ राम सिंह ने सीएमएस डा. ब्रजकुमार को निर्धारित स्थान की सफाई कराने के लिए आदेशित किया। बताया कि शासन जिले में आक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए तत्पर है। अभी जिले में एक प्लांट से आक्सीजन की सप्लाई हो रही है आने वाले दिनों में जिला अस्पताल में जल्द ही नया प्लांट स्थापित कर दिया जाएगा।

मधुबन विधानसभा क्षेत्र में कोरोना संक्रमण से हो रही लाेगों की असमय मौत को गंभीरता से लेते हुए विधान परिषद सदस्य लीलावती कुशवाहा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर आक्सीजन प्लांट लगवाए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि मधुबन, दोहरीघाट व बड़राव स्वाथ्य केंद्र पर मिनी आक्सीजन प्लांट स्थापित कर दिए जाने से यहां की जनता को राहत मिलेगी और कोरोना संक्रमण से हो रही मौतों पर नियंत्रण हो पाएगा। एमएलसी ने पत्र में लिखा है कि आक्सीजन एवं दवा के अभाव में विधानसभा क्षेत्र में तमाम लोगों की मौत आए दिन हो रही है। कोरोना पूरी तरह से अपना जाल फैला लिया है। इसकी वजह से तमाम लोग चपेट आकर इलाज करवा रहे हैं। मधुबन क्षेत्र की मऊ जिला मुख्यालय से करीब 45 किमी दूरी है। इसकी वजह से लोग जिला मुख्यालय नहीं पहुंच पा रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव को देखते हुए यहां तत्काल यह व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। ताकि कोरोना संक्रमण से असमय मौत के गाल में समा रहे लोगों के जीवन को बचाया जा सके। आक्सीजन उपलब्ध न होने से तमाम लोगों की मौत से हृदय विचलित हो गया है। कोरोना महामारी से क्षेत्रवासियों में भय बना हुआ है।