जौनपुर, जेएनएन। इसे नियति का खेल कहें या विधि का विधान। एक दिन पहले हुए हादसे में आशू यादव को घटना स्थल पर मौत ही खींच कर ले गयी। आशू गुरुवार शाम को आक्‍सीजन गैस सिलेंडर हादसे का शिकार हो गया। आशू अपने माता पिता की उम्मीदों का इकलौता चिराग था। भयवश माता पिता उसको कहीं आने जाने नहीं देते थे। सिलेण्डर फटने के हादसे में आशू की मौत होने के बाद माता पिता की उम्मीदों का चिराग बुझ गया, मां व बहन का रोते-रोते बुरा हाल है। घर पर करूण क्रन्दन से पूरा गांव गमगीन हो गया है। 

विकास खण्ड मुफ्तीगंज के खटहरा गांव निवासी शोभनाथ यादव व रीता देवी की तीन संतानों में आशू यादव इकलौता पुत्र था, दो पुत्रियां अंशू यादव व खुशी यादव छोटी थी। किसानी करके किसी तरह शोभनाथ यादव अपने जीवन का गुजारा कर रहे हैं। घर की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। उनकी उम्मीद का किरण आशू इस साल स्नातक के अन्तिम वर्ष का छात्र था। बहुत ही मिलनसार किस्म‌ के आशू के मृत होने की खबर से पूरा गांव गमगीन हो गया। आशू यादव के घर व गांव वाले, रिश्तेदार, जान पहचान वालों की भीड़ लग गयी। 

आशू यादव के नाना लक्ष्मीशंकर निवासी जमैथा की तबीयत लगभग 15 दिन पूर्व खराब हो गयी तो आशू के पिता ने उन्हे जौनपुर के एक‌ निजी चिकित्सालय में भर्ती करा दिया। देखभाल‌ के लिए अपनी पुत्री अंशू यादव और आशू यादव को उनके पास छोड़ दिया। पांच दिन पूर्व हास्पिटल से डिस्चार्ज कराकर आशू यादव उन्हें घर लाया लेकिन उन्हें आक्सीजन पर ही रखने की सलाह चिकित्सकों ने दे दी। गुरूवार को आक्सीजन खत्म होने वाला था तो आशू बहन अंशू व मौसी‌ ज्योति के साथ जगदीशपट्टी स्थित गैस एजेन्सी पर गैस लेने चला गया। जब वह आक्सीजन गैस एजेन्सी पहुंचा तो कुछ ही देर बाद आक्सीजन सिलेण्डर फटने से उसकी‌ मौत हो गयी और उसकी बहन और मौसी गंभीर रूप से घायल हो गयी।

 

Posted By: Abhishek Sharma

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