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वाराणसी नगर निगम में गृहकर बकाया पर 100 प्रतिशत ब्याज माफी पाने का शहर वालों को मौका

By Vns Arun Mishra Edited By: Abhishek sharma
Published: Thu, 15 Oct 2026 07:09 PM (GMT+05:30)

वाराणसी नगर निगम की एकमुश्त समाधान योजना के तहत गृहकर बकाये पर 100% ब्याज माफी का लाभ 14 नवंबर तक ...और पढ़ें

वाराणसी गृहकर बकाया पर 100% ब्याज माफी का सुनहरा मौका, 14 नवंबर तक करें पंजीकरण।

वाराणसी गृहकर बकाया पर 100% ब्याज माफी का सुनहरा मौका, 14 नवंबर तक करें पंजीकरण।

HighLights

  1. गृहकर बकाया पर 100% ब्याज माफी का अवसर।

  2. पंजीकरण की अंतिम तिथि 14 नवंबर, भुगतान 31 दिसंबर।

  3. 85.76 करोड़ रुपये की ब्याज माफी संभव।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। नगर निगम की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) का लाभ उठाकर गृहकर बकाया पर 100 प्रतिशत ब्याज माफी पाने का सुनहरा अवसर केवल 14 नवंबर तक है। 14 नवंबर तक अपना पंजीकरण कराने वाले भवन स्वामियों को 31 दिसंबर तक टैक्स जमा करने पर ओटीएस का पूरा लाभ दिया जाएगा। यदि 14 नवंबर तक पंजीकरण नहीं कराया गया, तो भवन स्वामियों को मूल बकाये के साथ पूरा सरचार्ज/ब्याज देना होगा।

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने गुरुवार को नगर निगम के सभागार में कर वसूली को लेकर चार जोनों (आदमपुर, वरूणापार, ऋषि मांडवी और सारनाथ जोन ) की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने निर्धारित लक्ष्य की शत-प्रतिशत वसूली करने के सख्त निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने कर व राजस्व अधीक्षकों से भवन स्वामियों को जागरूक करें, क्षेत्र में विशेष कैंप लगाएं और अधिक से अधिक बकायेदारों का मोबाइल नंबर से पंजीकरण कराकर वसूली में तेजी लाने का निर्देश दिया।

नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि 15 दिन बाद पुनः समीक्षा बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें प्रगति की जांच होगी। बैठक में अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी कुमार असीम रंजन, कर अधीक्षक व राजस्व अधीक्षक मौजूद रहे।

85.76 करोड़ रुपये की भारी ब्याज राशि होगी माफ
नगर निगम क्षेत्र में कुल 97,857 बकायेदार भवनों पर 209.96 करोड़ रुपये का मूल टैक्स और 85.76 करोड़ रुपये का ब्याज, यानी कुल 295.73 करोड़ की मांग है। यदि सभी बकायेदार 14 नवंबर तक रजिस्ट्रेशन करा लेते हैं, तो उन्हें 85.76 करोड़ रुपये की भारी ब्याज राशि से पूरी राहत मिल सकती है। हालांकि, अब तक केवल 9,248 भवन स्वामियों ने ही ओटीएस के तहत पंजीकरण कराया है, जिस पर 24.86  करोड़ रुपये की मांग दर्ज हुई है और 3.96 करोड़ रुपये की वसूली हुई है।