जागरण संवादाता, भदोही : कालीन निर्यातकों में पारस्परिक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने, विपणन सामर्थ्य के विकास, प्रमुख वैश्विक बाजारों एवं उनकी मांग के विषय में जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार की ओर से सुक्ष्म, लघु एवं मध्यम क्षेत्र के निर्यातकों को वित्तीय सहायता देने की व्यवस्था की गई है। अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल की ओर से इसके लिए गाइडलाइन जारी कर दिया गया है। इससे भदोही के कालीन के निर्यातकों लाभ होगा। निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो में पंजीकृत निर्यात कंपनी संचालक को निर्यात किए जाने का माला भाड़ा से लेकर एयर टिकट तक का खर्च सरकार उठाएगी। वैश्विक मंदी में सरकार की यह योजना कालीन निर्यातकों के लिए संजीवनी साबित होगी।

महाप्रबंधक उद्योग केंद्र हरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि निर्यात इकाई के व्यक्तिगत रूप से विदेशी मेला- प्रदर्शनी अथवा बायर्स-सेलर्स मीट में प्रतिभाग करने पर व्यय की गई वास्तविक धनराशि का 60 प्रतिशत, अधिकतम दो लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इकोनामी क्लास में की गई वायु यात्रा पर व्यय की गई वास्तविक धनराशि का 50 प्रतिशत अथवा एक लाख रुपये का लाभ मिलेगा। यह आर्थिक सहायता उन्हीं मेला प्रदर्शनियों के लिए दी जाएगी जिसका आयोजन केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से की जाएगी। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वर्चुअल फेयर में प्रतिभाग करने पर 25,000 रुपये दिए जाएंगे। विदेश में आयोजित मेला के लिए कुल व्यय का 75 प्रतिशत अर्थात 75 लाख रुपये तक आर्थिक सहायता दी जाएगी।

कार्यक्रम आयोजित होने के 120 दिन के अंदर आर्थिक सहायता के लिए आनलाइन आवेदन करना होगा। बताया कि अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल की ओर से इसके लिए गाइडलाइन जारी कर दिया गया है। आठ दिन के अंदर निर्यातकों को समयबद्ध आर्थिक सहायता जारी की जाएगी। इससे उन्हें विदेशों में भी कालीन निर्यात करने में सहुलियत मिलेगी। बताया कि शासन की ओर से दो दिन पहले यह निर्देश मिले हैं। इस योजना से कालीन निर्यातकों को राहत मिलेगी। विदेश में मेला और माल भाड़ा आदि के लिए अब अधिक परेशान नहीं होना पड़ेगा। सरकार की ओर से भी उन्हें प्रोत्साहित करने लिए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

Edited By: Saurabh Chakravarty