जागरण संवाददाता, वाराणसी। पंचायती राज निदेशालय ने सभी पंचायतो को निर्देशित किया है कि 'मेरी पंचायत, मेरा अधिकार, जन सेवाएं हमारे द्वार' अभियान चलाकर सिटीजन चार्टर बनाएं। इसमे गांव के लोगो की आवश्यकता को प्राथमिकता देंताकि शासन इस दिशा में विचार कर कार्य को अंजाम दे सके। इसका प्रकाशन 15 अगस्त तक पंचायतो को करने का निर्देश भी दिया है। अभियान एक अगस्त से प्रारंभ होगा।

अभियान का उद्देश्य : इस अभियान का उद्देश्य है कि गांव के लोगो को गांव में सभी सरकारी सुविधाए मसलन आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, खसरा खतौनी, बैंकिंग सुविधा, शिकायतों को तत्काल निस्तारण के साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य आदि की बेहतर सुविधा मुहैया करायी जा सके। गांव के लोगों को छोटी सी आवश्यकता के लिए भाग दौड़ न करनी पड़े। गांव के लोगों को स्वच्छ पेयजल, मुक्कमल बिजली आदि की भी व्यवस्था हो सके। नाली, खड़ंजा से जुड़ी समस्या का भी निदान हो। पंचायते अगर प्राथमिकता सूची में स्कूल को पहले स्थान पर रखते हैं तो सबसे पहले उसका निर्माण हो।

ग्राम सभा की बैठक में अनुमोदन आवश्यक : सिटीजन चार्टर को गांव सभा की बैठक में अनुमोदन आवश्यक होगा। इसमे पंचायते पुराने कार्य प्रणाली में संशोधन भी कर सकेंगी। लेकिन पंचायती राज के नियमो के तहत ही सिटीजन चार्टर बनाने होंगे। इसमे मुख्य तौर पर पंचायत का संकल्प तथा मिशन, सेवा का नाम, विवरण व वर्तमान व्यवस्था के अलावा शिकायत के निवारण की व्यवस्था आदि को समाहित किया जाना है। शासन ने यह भी निर्देशित किया है कि बैठक के दौरान कोविड गाइडलाइन का कड़ाई से अनुपालन किया जाए। साथ ही कोविड की तीसरी वेव को लेकर पंचायतो की तैयारी, जरूरत आदि को भी सिटीजन चार्टर में स्थान दिया जाए।

Edited By: Abhishek Sharma