जागरण संवाददाता, वाराणासी। पोषण माह के तहत अदाणी फाउंडेशन की ओर से बुधवार को शहरी मलिन बस्तियों ढेलवारिया, लल्लापुरा, राजघाट में पोषण माह मनाया गया। इस अवसर पर किशोरियो, गर्भवती व धात्री महिलाओं को सूक्ष्म पोषक तत्व के महत्व को बताया गया। पोषण पदार्थाें की कमी से होने वाले रोगों के बारे में जागरूक किया गया। इससे पहले इस कार्यक्रम की शुरूआत बीएचयू के सर सुंदरलाल चिकित्सालय स्थित सेंटर आफ एक्सीलेंस फार एडोलसेंट हेल्थ एंड डेवलपमेंट में की गई थी।

फाउंडेशन की तरफ से सुपोषण अधिकारी ममता यादव ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान खाना बनाते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए की जानकारी दी गई। ताकि खाद्य प्रदार्थो में पाए जाने वाले सूक्ष्म पोषक तत्वों को बचाया जा सके। इसके बारे विस्तारपूर्वक सुपोषण संगिनी द्वारा प्रदर्शन करके समझाया गया। उन्होंने ने सतुलित आहार के बारे में जानकरी देते हुए बताया कि हम अपने स्थानीय मौसमी एवं सस्ते फल व सब्जियों का प्रयोग करके भी अपने शरीर को जरुरी सूक्ष्म पोषक तत्वों की पूर्ति प्रदान कर सकते हैं। इस मौके पर सहायक सुपोषण अधिकारी प्रियंका तिवारी, जुगल केशरी, सुपोषण संगिनी अनीता देवी, जानकी कुमारी, ज्योति भारती आदि अादि मौजूद थी।

इससे पहले नेशनल हेल्थ मिशन व अडाणी फाउंडेशन की ओर से शुक्रवार को बीएचयू सर सुंदरलाल अस्पताल स्थति सेंटर आफ एक्सीलेंस फार एडोलसेंट हेल्थ एंड डेवलपमेंट में एक कार्यक्रम का अायोजन हुआ। इसमें वक्ताओं ने बताया कि पोषक तत्व पाने के लिए कोई जरूरी है नहीं कि बाजार से महंगी खाद्य सामग्री ही ली जाए। हमारे किचन में जो सामग्री है वह भी हमें भरपुर मात्रा में पोषण प्रदान करते हैं। डा. सुकन्या चक्रवती ने कहा कि बदलते परिवेश एवं जीवन शैली में अपने दैनिक कार्यों को और बेहतर करने की जरूरत है। सोने, खान पान की आदतों में अचानक परिवर्तन से किशोरियों में पौष्टिक आहार की कमी हो रही है। अध्यक्षता सेंटर की नोडल आफिसर प्रो. मधु जैन व कार्यक्रम का संयोजन अदाणी फाउंडेशन की इंचार्ज ममता यादव ने किया। प्रो. संगीता कंसल, प्रियंका, आकांक्षा आदि मौजूद थी।

Edited By: Saurabh Chakravarty