वाराणसी, जागरण संवाददाता। रामनगर थाना क्षेत्र के भींटी स्थित एक नर्सिंग होम में बुधवार की रात एक महिला की मृत बच्ची पैदा होने पर परिजनों ने बवाल किया। परिजनों का आरोप था कि चिकित्सक की बजाए नर्स प्रसव करा रही थी। अनुभवी न होने के कारण बच्ची की मौत हो गई जबकि परिजनों ने आपरेशन करने को भी कहा लेकिन, आपरेशन न करके नार्मल डिलेवरी कराने में लापरवाही हो गई। एक घंटे बाद महिला चिकित्सक पहुंची। पीड़ित परिजनों ने दुर्व्यवहार का भी आरोप लगाया। थाने में लिखित तहरीर दी। साथ ही मुख्यमंत्री,डिप्टी सीएम तथा सीएमओ को ट्वीट कर मामले से अवगत कराया। इसके बाद डीसीपी ने मामले का संज्ञान में लिया और पुलिस को जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

बेलखेड़ा, भगवानपुर, अहरौरामिर्जापुर निवासी सीआरपीएफ जवान विकास मौर्या की पत्नी सुजाता मौर्या गर्भवती थी। परिजनों ने बताया कि सुजाता को 13 अक्टूबर को नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया।देर रात उसे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। 10.15 बजे प्रसव कक्ष में ले जाया गया।कुछ देर बाद नर्स आकर बोली की प्रसव हो गया है लेकिन, बच्ची मृत पैदा हुई है। इसके बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि चार दिन पूर्व ही चिकित्सक ने नार्मल डिलेवरी कराने की बात कही थी।

दर्द के कारण परिजनों ने आपरेशन भी करने की बात कही लेकिन, चिकित्सकों ने अपनी मनमानी की। आरोप लगाया कि एक घंटे बाद महिला चिकित्सक प्रसव कक्ष में पहुंची लेकिन, महिला चिकित्सक कक्ष में होने की बात कह रही थी। इस पर परिजनों ने अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच करने की बात कही ताकि यह पता चल सके कि चिकित्सक कब आई। इस पर चिकित्सक आनाकानी करने लगी। इस संबंध में रामनगर थाना प्रभारी अश्विनी पांडेय ने बताया कि तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है। उधर, अस्पताल प्रबंधन का कहना था कि बच्ची का नारा पतला हो गया था।जिसके वजह से उसकी धड़कन रूक गई थी। इस कारण मौत हुई है।केवल कुछ लोग बेवजह हंगामा कर रहे थे।

पूर्व में भी हो चुका है बवाल : नर्सिंग होम में इस तरह की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बच्चों की मौत होने पर परिजन हंगामा कर चुके हैं। अस्पताल में आने वाली प्रसूता का प्रसव महिला चिकित्सक के करने की बजाए वहां की नर्स ही करती है। अनुभवी नर्सों के न होने के कारण ऐसी घटनाएं होती रहती हैं।

Edited By: Abhishek Sharma