वाराणसी, [अजय कृष्ण श्रीवास्तव]।परिषदीय विद्यालयों में खेलकूद की भी पाठशाला लगेगी। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों को पहली बार स्पोट्र्स के मद में पैसा मिला है। सभी हेड मास्टरों पर विद्यालयों की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए खेलकूद का सामान क्रय करने का निर्देश दिया गया है ताकि बच्चों का मानसिक के साथ-साथ शारीरिक विकास हो सके।

  

परिषदीय विद्यालयों में पीटी, स्काउट-गाइड, व्यायाम सहित अन्य गतिविधियां होती है लेकिन स्पोट्र्स  का सामान न होने के कारण खेलकूद की प्रतियोगिताएं नहीं होती है। कुछ विद्यालयों में स्वयं के संसाधन से लूडो, रस्सी सहित अन्य सामान क्रय किए गए है। इसके बावजूद विद्यालयों में प्रतिदिन बच्चों को खेलकूद के लिए अलग से समय नहीं दिया जाता है। शासन ने बच्चों के शारीरिक विकास के लिए सभी प्राथमिक विद्यालयों को पांच-पांच हजार रुपये व उच्च प्राथमिक विद्यालयों को दस-दस हजार रुपये का अनुदान दिया है। इस प्रकार 1013 प्राथमिक विद्यालयों को पचास 65000 व 354 उच्च प्राथमिक विद्यालयों को 35 लाख 40000 रुपये का अनुदान खेलकूद के मद में मिला है। विद्यालयों को अपनी सुविधानुसार स्पोट्र्स का सामान क्रय करने का निर्देश दिया गया है। मसलन जिन विद्यालयों के पास खेल का मैदान नहीं है उन्हें इनडोर गेम के सामान क्रय करने का निर्देश है। 

 ''शासन से पहली बार परिषदीय विद्यालयों स्पोट्र्स के मद अनुदान मिला है। सभी विद्यालयों को नए सत्र से पहले खेलकूद का सामान क्रय करने का निर्देश दिया ताकि विद्यालयों में खेलकूद की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा सके।  

-राजेश सिंह दोहरी, जिला व्यायाम शिक्षक ।

Posted By: Abhishek Sharma

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