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काशी की सड़कों पर दौड़ रहे दूसरे प्रदेश के वाहन, वाहन स्वामियों को जारी होगी नोटिस

By pandey jayprakash(01) Edited By: Abhishek sharma
Published: Fri, 11 Sep 2026 11:02 AM (GMT+05:30)

वाराणसी की सड़कों पर दूसरे प्रदेशों के एक लाख से अधिक बिना पंजीकृत वाहन दौड़ रहे हैं। परिवहन विभाग ने ...और पढ़ें

वाराणसी में दूसरे प्रदेश के वाहनों पर शिकंजा, पंजीकरण न होने पर होगी कार्रवाई।

वाराणसी में दूसरे प्रदेश के वाहनों पर शिकंजा, पंजीकरण न होने पर होगी कार्रवाई।

HighLights

  1. दूसरे प्रदेश के वाहन बिना पंजीकरण वाराणसी में दौड़ रहे।

  2. एक माह से अधिक रहने पर पंजीकरण अनिवार्य होगा।

  3. परिवहन विभाग वाहन स्वामियों को नोटिस जारी करेगा।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। परिवहन कार्यालय में बिना दर्ज कराए दूसरे प्रदेश के वाहन खुलेआम सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इन वाहनों पर फर्जी नंबर लिखा है या चोरी की हैं यह किसी को मालूम नहीं है। जिले में सड़कों पर चल रही दूसरे प्रदेश के वाहनों को प्राथमिकता पर चेकिंग करें।

यदि दूसरे प्रदेश के वाहन एक माह से अधिक समय बनारस में हैं तो वाहन स्वामी को नोटिस जारी कर पंजीयन कराने को कहे। चेकिंग के दौरान प्रपत्रों की जांच गंभीरता से करें। जरूरत पड़े तो संबंधित प्रदेश के परिवहन कार्यालय से पत्राचार भी करें। पुलिस और यातायात विभाग भी प्राथमिकता पर चेकिंग करें। सड़क पर चेकिंग में वाहन पकड़े जाने के साथ उसे सीज करें। इस आशय का पत्र परिवहन आयुक्त कार्यालय से आया है।

प्रदेश या जिले में दूसरे प्रदेश के वाहन एक सप्ताह से अधिक नहीं रह सकते हैं। यदि वाहन स्वामी उस गाड़ी को स्थायी तौर पर रखना चाहता है तो उसे जिले के परिवहन कार्यालय में प्रदेश का वन टाइम टैक्स देना होगा। मगर जिले में एक लाख से अधिक दूसरे प्रदेश के वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। सड़क पर चेकिंग करने के दौरान प्रवर्तन अधिकारी कार्रवाई करते हैं लेकिन यह जानने की कोशिश नहीं करते हैं उक्त वाहन कितने दिनों से जिले में है।

चालान से नहीं पड़ता है फर्क
ज्यादातर लोग दूसरे प्रदेश से वाहन खरीदने के बाद उसे अपने जिले के परिवहन कार्यालय में दर्ज नहीं कराते हैं। वह जानते हैं कि उक्त वाहन दर्ज कराने के साथ पंजीयन शुल्क देना पड़ेगा। उक्त वाहन का नाम और पता दूसरे प्रदेश का होने के चलते चालान उसी पते पर जाएगा। कुछ लोग दूसरे प्रदेश में किराए के मकान में रहते हैं। मकान छोड़ने के साथ नाम और पता बदल जाता है, उसी के साथ गाड़ी मालिक को अपना पता भी परिवहन कार्यालय में दर्ज कराना चाहिए लेकिन वे ऐसा नहीं करते हैं। यही कारण है कि परिवहन कार्यालय में सैकड़ों चालान होने के बाद आज उसका जुर्माना जमा नहीं हो सका।

दूसरे प्रदेश के कोई भी वाहन हो। यदि प्रदेश बदलता है तो उस वाहन स्वामी को उस प्रदेश में वन टाइम टैक्स जमा करने के साथ नया नंबर लेना चाहिए। ज्यादातर लोग ऐसा नहीं करते हैं जो गलत है। प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान चालान किया जाता है लेकिन चालान उस नाम और पते पर जाता है। इसका फायदा कुछ लोग उठाते हैं। इसी लिए अब मौके पर जुर्माना वसूलने की कोशिश की जाती है। उन वाहनों को सीज करने का निर्देश दिया गया है।

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राघवेंद्र सिंह, आरटीओ