वाराणसी, जेएनएन। लाकडाउन के दौरान 20 जून को शुरू हुआ गरीब कल्याण रोजगार अभियान बंद कर आत्मनिर्भर रोजगार अभियान शुरू करने का निर्देश दिया गया है। यह अभियान 31 मार्च 2021 तक चलेगा। सभी विभागों के लिए कार्य के साथ वित्तीय लक्ष्य भी तय करते हुए शासनादेश जारी कर  दिया गया है। प्रदेश के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि लाकडाउन के दौरान 35 लाख से अधिक श्रमिक प्रदेश में वापस लौटकर आए हैं। श्रमिकों को नियोजित करना महत्वपूर्ण लक्ष्य है। प्रदेश सरकार की ओर से एक आयोग का भी गठन किया गया है।

प्रदेश में 34.82 लाख श्रमिकों (18 वर्ष से नीचे वालों को छोड़कर) का स्किल मैपिंग हुआ। निर्माण, पेंटिंग  से लगायत कुशल व अकुशल कामगार तक 30 श्रेणियों में इन्हें बांटा गया है। मार्च, 2021 तक विभिन्न विभागों के सहयोग से अलग-अलग योजनाओं में भौतिक व वित्तीय लक्ष्य नियत किए गए हैं। अभियान के तहत विभिन्न कार्यों पर 38, 085 करोड़ की धनराशि व्यय करते हुए अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने का कार्य किया जाएगा। दूसरी तरफ जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने सभी विभागों को दशहरा बाद इस पर तेजी से काम करने का निर्देश दिया है। कहा कि सभी समय को ध्यान में रखते हुए कार्य को मूर्तरूप देंगे। इसमें लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

इन विषयों पर रहेगा फोकस

ग्राम विकास विभाग को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास, पीएम ग्राम सड़क योजना, श्याम प्रसाद मुखर्जी अर्बन मिशन, बीसी सखी, स्वयं सहायता समूह व मनरेगा में कार्य करना है। सभी के लिए अलग-अलग लक्ष्य तय हैं। ज्यादा जोर है कि आजीविका के साथ रोजगार सृजन हो। इसी तरह पंचायतराज के लिए पंचायत भवन, सामुदायकि स्वच्छता परिसर, केंद्रीय व राज्य वित्त आयोग, शौचालय, लैपटाप की खरीद तथा लघु सिंचाई को जल संवर्धन स्कीम, कुओं का निर्माण, निश्शुल्क बोरिंग, चैक डैम की सफाई का कार्य कराने को कहा गया है। उद्यान, महिला बाल विकास विभाग, कृषि,  जैव ऊर्जा बोर्ड, खनन, पशुपालन, मत्स्य, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, रेशम विकास, सूक्ष्य लघु एवं मध्यम उद्यम समेत 15 विभागों के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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