वाराणसी, जेएनएन। पीपा के पेंच में देव दीपावली के मौके पर गंगा में दशाश्वमेध घाट के सामने आयोजित किए जाने वाले आयोजन फंस गए। छोटा मंच बनाने के लिए तैयार न होने और अगले साल से गंगा में आयोजन न किए जाने का शपथ पत्र नहीं देने पर प्रशासन ने दोनों ही संस्थाओं को पूर्व में दी गई अनुमति रद कर दी। इससे सकते में आई गंगा सेवा निधि ने महाआरती भी स्थगित करने की घोषणा कर दी। अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने रविवार को प्रेसवार्ता में बताया कि शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित करने के साथ ही सामान्य दिनों की तरह गंगा आरती की जाएगी। हालांकि छह नवंबर को छह पीपे पर मंच बनाने की अनुमति दी गई। पचास फीसद से अधिक कार्य हो जाने पर सात नवंबर को पीपे घटा कर तीन किए जाने की जानकारी दी गई।   

समारोह के दौरान हादसे में जा चुकी है दो लोगों की जान 

देव दीपावली पर गंगा की धारा में मंच के निर्माण आदि को लेकर वर्षों से जिला प्रशासन और आयोजकों में जिच चल रही है। इस बार आयोजकों ने जिच के बाद मंच नहीं बनाने की विधिवत घोषणा कर दी है। प्रशासन गंगा की धारा में मंच निर्माण को सुरक्षित नहीं मानता। आसपास के कई जिलों की सैकड़ों नाव उस दिन गंगा में राजघाट से अस्सीघाट तक संचालित होती हैं। मंच पर गणमान्य नागरिकों की सुरक्षा का खतरा बना रहता है। साथ ही लोग घाटों पर दीपों की छटा देखने आते हैं। ऐसे में मंच की वजह से घाटों को देखने में परेशानी होती है। सबसे पहले प्रशासन से जिच की शुरुआत दो समितियों के बीच स्थान को लेकर करीब डेढ़ दशक पूर्व हुआ। उसके बाद बिना अनुमति आयोजन करने, विज्ञापन आदि से आय करने और कोई टैक्स नहीं देने का विवाद सामने आया। नावों पर होकर मंच तक पहुंचने के दौरान एक मीडिया कर्मी और शहर के एक प्रतिष्ठित कारोबारी की जान जा चुकी है। इस बार पुलिस-प्रशासन ने पड़ताल कर मंच बनाने पर रोक लगाई थी। बाद में निमंत्रण बंटने और व्यवहारिक आग्रह पर प्रशासन ने पूर्व से आधे आकार के मंच बनाने की अनुमति दे दी थी। उसके लिए भी आयोजक ने शपथ पत्र नहीं दिया। 

गंगोत्री सेवा समिति सजाएंगी मां की झांकी, उतारेगी दिव्य आरती

मंचीय आयोजनों की अनुमति निरस्त होने के बाद भी गंगोत्री सेवा समिति उम्मीदों से बंधी तैयारियों में जुटी रही। संस्थापक अध्यक्ष पं. किशोरी रमन दुबे ने प्रेसवार्ता में कहा कि देव दीपावली उत्सव में धर्म व राष्ट्र भक्ति की गंगा एकाकार होगी। इसका श्रीगणेश वैदिक परंपरानुसार मंगला चरण व शास्त्रोक्त विधि से पूजन कर मां गंगा का 51 लीटर दूध से अभिषेक किया जाएगा। घाट की सीढिय़ों-  मढिय़ों पर महाआरती होगी। इस दौरान मां गंगा की अष्ट धातु की108 किलोग्राम की प्रतिमा का देसी विदेशी फूलों से श्रृंगार किया जाएगा। पुलिस के शहीद जवानों की याद में जलाए जा रहे आकाशदीप का समापन भी दीपदान संग होगा। युवा गायक डा. अमलेश शुक्ला व अर्चना म्हस्कर आदि सुर लगाएंगे। 

 

Posted By: Abhishek Sharma

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