मऊ में सगे भाइयों सहित एक ही परिवार के नौ लोगों को सात वर्ष का कारावास
मऊ में रास्ते के विवाद को लेकर हुई मारपीट में सोनरमी देवी की गैर इरादतन हत्या के मामले में कोर्ट ...और पढ़ें

मऊ: रास्ते के विवाद में सोनरमी देवी की हत्या, एक ही परिवार के 9 सदस्यों को 7 साल की जेल।
HighLights
मऊ में रास्ते के विवाद पर हत्या का मामला।
एक ही परिवार के नौ लोगों को सजा सुनाई।
सभी को सात वर्ष का सश्रम कारावास।
जागरण संवाददाता, मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर दो दीप नारायण तिवारी ने रास्ते के विवाद को लेकर मारपीट में सोनरमी देवी की हुई गैर इरादतन हत्या के मामले में नामजद सगे भाइयों सहित एक ही परिवार के नौ लोगों को सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
साथ ही 10 हजार 500 रुपये प्रत्येक पर अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं अर्थदंड जमा हो जाने पर पर प्रत्येक घायलों को 18900 रुपये देने का आदेश दिया। अभियोजन के अनुसार मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र के ढ़ाढाचवर गांव निवासी बीरबल चौहान की तहरीर पर एफआइआर दर्ज हुई थी।
वादी का कथन है कि 23 जून 2017 को रास्ते के विवाद को लेकर प्रभु चौहान व उमा चौहान, मल्लू चौहान, प्रेम चौहान, वीरेंद्र, चंदन चौहान, कपिल चौहान, मनीष चौहान और राजकुमार चौहान ने मारपीट कर उसके पिता हरिराम चौहान, चाचा शिवपूजन चौहान, पिंटू, कबूतरी, रमेश व सोनरमी देवी को गंभीर छोटे पहुंचाई।
इलाज के दौरान सोनरमी देवी की मौत हो गई। मामले में पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। न्यायालय में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी अनिल कुमार पांडेय ने कुल 12 गवाहों को पेश कर अभियोजन का पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है।
एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद प्रभु चौहान, उमा चौहान (सगे भाई), मल्लू चौहान, प्रेम चौहान, वीरेंद्र चौहान, चंदन चौहान, कपिल चौहान, मनीष चौहान और राजकुमार चौहान को दोषी पाए जाने के बाद सभी को गैर इरादतन हत्या के मामले में सजा सुनाई।
