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बीएचयू में हरित सफर की नई राह, ई-साइकिल से गोल्फ कार्ट तक, सुव‍िधाओं का होगा व‍िस्‍तार

By Vns Shailesh Asthana Edited By: Abhishek sharma
Published: Mon, 21 Sep 2026 01:06 PM (IST)

काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए हरित परिवहन नेटवर्क विकसित किया जा ...और पढ़ें

बीएचयू में एप आधारित ई-साइकिल व ई-बाइक शेयरिंग सेवा शुरू की जा रही है। (AI Image)

बीएचयू में एप आधारित ई-साइकिल व ई-बाइक शेयरिंग सेवा शुरू की जा रही है। (AI Image)

HighLights

  1. एप आधारित ई-साइकिल/ई-बाइक शेयरिंग सेवा शुरू होगी।

  2. छात्राओं और दिव्यांगों के लिए गोल्फ कार्ट चलेंगे।

  3. परिसर में ई-बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के विशाल परिसर में अब सफर का अंदाज बदलने वाला है। पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी के लिए बीएचयू हरित परिवहन का नेटवर्क विकसित कर रहा है। विद्यार्थियों को निजी पेट्रोल वाहनों और बाहरी साधनों पर निर्भरता से राहत देने के लिए एप आधारित ई-साइकिल व ई-बाइक शेयरिंग सेवा शुरू की जा रही है।

वाराणसी स्मार्ट सिटी के सहयोग से सात स्थानों पर प्लेटफार्म और चार्जिंग स्टेशन तैयार किए जा रहे हैं। साथ ही छात्राओं व दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए गोल्फ कार्ट और परिसर में ई-बसों की संख्या बढ़ाने की तैयारी है। नई सुविधाएं अगले माह मध्य तक शुरू होने की संभावना है।

एक स्टैंड से लें, दूसरे पर छोड़ें

ई-साइकिल सेवा का संचालन मोबाइल एप के माध्यम से होगा। विद्यार्थी निकटतम स्टैंड से साइकिल लेकर परिसर में किसी भी स्थान तक जा सकेंगे और गंतव्य के पास बने स्टैंड पर उसे छोड़ देंगे। दूरी के हिसाब से शुल्क क्यूआर कोड स्कैन कर चुकाना होगा। प्रति घंटे करीब 50 से 60 रुपये किराया प्रस्तावित है। ई-बाइक जीपीएस से जुड़ी होंगी। निर्धारित समय पूरा होने या परिसर की सीमा से बाहर जाने पर वाहन स्वत: बंद हो जाएगा।

मुख्य प्राक्टर संदीप पोखरियाल के मुताबिक, बीएचयू का परिसर काफी विस्तृत है। विद्यार्थियों को लाइब्रेरी, केंद्रीय कार्यालय और विभिन्न विभागों तक पहुंचने में काफी दूरी तय करनी पड़ती है। हर विद्यार्थी के पास निजी बाइक या स्कूटी होना संभव नहीं है। ऐसे में सस्ती और सुगम ई-साइकिल सेवा उनकी दैनिक आवाजाही आसान करेगी।

छात्राओं के लिए चार गोल्फ कार्ट

गोल्फ कार्ट सेवा का लाभ विशेष रूप से छात्राओं और दिव्यांग विद्यार्थियों को मिलेगा। प्रथम चरण में चार कार्ट संचालित की जाएंगी। महिला महाविद्यालय से बालिका छात्रावासों तक इनके संचालन की योजना है। इसके अलावा महिला महाविद्यालय, हैदराबाद गेट, सीर गोवर्धन गेट, मुख्य गेट, नरिया गेट और सर सुंदरलाल अस्पताल से भी गोल्फ कार्ट सेवा प्रस्तावित है। एक कार्ट में 10 से अधिक यात्री बैठ सकेंगे। विश्वनाथ मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए मुख्य द्वार से गोल्फ कार्ट उपलब्ध कराने की भी तैयारी है।

ई-बसों का भी बढ़ेगा दायरा

परिसर के भीतर सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए ई-बसों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। नगर निगम के साथ एमओयू के बाद फिलहाल दो ई-बसें संचालित हैं। विश्वविद्यालय स्वयं भी ई-बसें खरीदने की योजना बना रहा है। इससे परिसर में डीजल-पेट्रोल आधारित वाहनों की निर्भरता घटाने में मदद मिलेगी।

क्या बदलेगा परिसर में

  • ई-साइकिल/ई-बाइक : सात स्टैंड और चार्जिंग स्टेशन
  • किराया : करीब 50-60 रुपये प्रति घंटा प्रस्तावित
  • संचालन : मोबाइल एप और जीपीएस आधारित
  • भुगतान : क्यूआर कोड से डिजिटल भुगतान
  • गोल्फ कार्ट : प्रथम चरण में चार
  • क्षमता : एक कार्ट में 10 से अधिक यात्री
  • ई-बस : फिलहाल दो संचालित, संख्या बढ़ाने की तैयारी
  • लक्ष्य : सुगम आवागमन के साथ कार्बन उत्सर्जन में कमी