विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

नेहा बोरा पहुंचीं बीएचयू, केंद्र और राज्‍य सरकार को घेरा, उठाए शिक्षा व्यवस्था पर कड़े सवाल

By Digital Desk Edited By: Abhishek sharma
Published: Sat, 12 Sep 2026 06:20 PM (GMT+05:30)

आइसा की नेहा बोरा ने बीएचयू में जेन-जी चौपाल में केंद्र व राज्य सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर तीखा हमला ...और पढ़ें

HighLights

  1. नेहा बोरा ने बीएचयू में शिक्षा व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाए।

  2. छात्रों के लिए शिक्षा, रोजगार और न्याय की जोरदार मांग की।

  3. जेंडर जस्टिस, ओबीसी आरक्षण, दालमंडी विस्थापन जैसे मुद्दे उठाए।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में आयोजित जेन जी चौपाल में आइसा की ओर से नेहा बोरा ने केंद्र और राज्य सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि यदि मौजूदा प्रणाली छात्रों को शिक्षा, रोजगार और न्याय नहीं प्रदान करती है, तो इसे बदलने की लड़ाई लड़ी जाएगी।

नेहा ने बीएचयू में जेंडर जस्टिस, हॉस्टल में ओबीसी आरक्षण और वैचारिक स्वतंत्रता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया। इसके साथ ही उन्होंने दालमंडी चौड़ीकरण और विस्थापन के मुद्दे पर भी राज्‍य सरकार को घेरा। वाराणसी में आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा ने बीएचयू के मधुबन में जेन-जी पर कार्यक्रम का पूर्व में ऐलान किया था।

इस दौरान उन्होंने 2023 में आईआईटी बीएचयू की छात्रा के साथ सामूह‍िक दुष्‍कर्म की घटना पर भी चर्चा की। उन्होंने एबीवीपी के कार्यक्रम को अनुमति मिलने और उनके कार्यक्रम को बीएचयू में अनुमति न मिलने पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। लंका पुलिस को इस कार्यक्रम को लेकर पहले ही सतर्क किया गया था।

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के ओंकारनाथ ठाकुर सभागार में शनिवार को जेन-जी चौपाल का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम के लिए सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया था। सभागार के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आइसा की राष्ट्रीय महासचिव नेहा बोरा भी पहुंचीं।

नेहा बोरा ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है और यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी छात्रों को समान अवसर मिले। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों को उचित शिक्षा और रोजगार नहीं मिलता, तब तक वे चुप नहीं बैठेंगे।

उन्होंने जेंडर जस्टिस के मुद्दे पर भी जोर दिया और कहा कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। हॉस्टल में ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर उन्होंने सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा।

नेहा ने दालमंडी चौड़ीकरण के कारण होने वाले विस्थापन पर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह प्रभावित लोगों के अधिकारों की रक्षा करे। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और उचित कदम उठाने चाहिए।इस कार्यक्रम में तमाम छात्र भी उपस्थित रहे।