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वाराणसी में एनडीआरएफ की तत्परता से बची तमिलनाडु के श्रद्धालु की जान, दांडी घाट पर गंगा में डूब रहा था वृद्ध

By Pradyuman Pandey RamuEdited By: Abhishek sharma
Published: Tue, 29 Sep 2026 06:50 PM (IST)

वाराणसी के दांडी घाट पर सोमवार सुबह एनडीआरएफ के जवानों ने गंगा में डूब रहे तमिलनाडु के 63 वर्षीय श्रद्धालु ...और पढ़ें

वाराणसी में एनडीआरएफ ने गंगा में डूब रहे तमिलनाडु के श्रद्धालु की जान बचाई।

वाराणसी में एनडीआरएफ ने गंगा में डूब रहे तमिलनाडु के श्रद्धालु की जान बचाई।

HighLights

  1. एनडीआरएफ ने वाराणसी के दांडी घाट पर जान बचाई।

  2. तमिलनाडु के 63 वर्षीय श्रद्धालु गंगा में डूब रहे थे।

  3. एनडीआरएफ ने सुरक्षित स्नान के लिए दिशानिर्देश जारी किए।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। गंगा नदी के दांडी घाट पर सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। एनडीआरएफ के जवानों की तत्परता से गंगा में डूब रहे 63 वर्षीय श्रद्धालु की जान बचा ली गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आज सुबह लगभग 7:30 बजे एक व्यक्ति गंगा में स्नान के दौरान अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। घाट पर पिकेट ड्यूटी में तैनात 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ के बचावकर्मियों ने स्थिति को भांपते हुए बिना देर किए बचाव अभियान शुरू किया। जवानों ने लाइफ बॉय की सहायता से व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालकर तट पर लाया।

बचाए गए व्यक्ति की पहचान एस. मुतायन (63 वर्ष), निवासी जनपद कुड्डालोर, तमिलनाडु के रूप में हुई है। घटना के बाद घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने एनडीआरएफ के जवानों की तत्परता और साहस की सराहना की।

एनडीआरएफ ने अपील की है कि गंगा में स्नान करते समय निर्धारित सुरक्षित क्षेत्रों का ही उपयोग करें, गहरे पानी में न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। विशेषकर मानसून के दौरान गंगा का जलस्तर और बहाव अचानक बढ़ जाता है, ऐसे में अतिरिक्त सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

इस घटना ने एक बार फिर से यह स्पष्ट कर दिया है कि जल सुरक्षा के प्रति जागरूकता और सावधानी बरतना कितना आवश्यक है। एनडीआरएफ के जवानों की तत्परता ने न केवल एक जीवन को बचाया, बल्कि अन्य श्रद्धालुओं को भी सुरक्षित रहने की प्रेरणा दी।

इस प्रकार की घटनाओं से सबक लेते हुए, सभी श्रद्धालुओं को चाहिए कि वे गंगा में स्नान करते समय सतर्क रहें और सुरक्षा नियमों का पालन करें। एनडीआरएफ की यह कार्रवाई न केवल एक सफल बचाव अभियान थी, बल्कि यह समाज में सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने का भी एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।