मीरजापुर (जेएनएन) । 'बोल सांचे दरबार की जय' के जयकारे से रविवार की सुबह से ही विंध्यधाम गूंज उठा। सुबह से ही भक्तों में त्रिकोण परिक्रमा के लिए लंबी कतार लगी रही। वहीं हजारों भक्तों ने मां विंध्यवासिनी का दर्शन किया। नवरात्र मेले के पांचवे दिन रविवार को विंध्य धाम में भक्तों का जन सैलाब उमड़ा। आस्था के इस पर्व पर मां के दरबार में हर कोई अपनी मुराद लेकर पहुंचा था।

इस दौरान कोई दुर्गा सप्तशती का पाठ कर रहा था तो कोई हवन पूजन। उधर अष्टभुजा मंदिर व काली खोह मंदिर में भी दर्शन करने वालों की लंबी कतार लगी रही। अष्टभुजा पहाड़ी पर त्रिकोण परिक्रमा करते हुए भक्तों के चेहरे पर उत्साह रहा। जगह-जगह चल रहे भंडारे में भी लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। मां के धाम में दूर दराज से आए भक्तों ने विधि विधान से पूजा पाठ किया। विंध्याचल मंदिर में रविवार को भोर से ही पूजा करने वालों की लाइन लगी है। इस दौरान मंदिर में मां के जयकारे गूंजते रहे और लोग मां की एक झलक पाने के लिए घंटों लाइन में लगकर उनकी आराधना करते रहे।

अवकाश का दिन होने की वजह से मध्यप्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ आदि से भी श्रद्धालु मां के धाम दर्शन पूजन के लिए आए। मां का दर्शन करने आए मध्यप्रदेश से बृजेश गुप्ता ने बताया कि हर साल नवरात्र पर पूरे परिवार के साथ यहां आता हूं। मां की एक झलक देखते ही सारी थकान, तनाव छू मंतर हो जाता है। यहां आकर अलग सी ऊर्जा महसूस होती है। वहीं वाराणसी व आस पास के जिलों से आने वाले श्रद्धालुओें की भी अच्छी खासी भीड़ रही। हर किसी के हाथ में मां विंध्यवासिनी को अर्पण करने के लिए श्रंगार की सामग्री और प्रयाद संग लाल चुनरी थी। इस दौरान गंगा घाट पर भी स्‍नान दान और ध्‍यान के लिए लोगाें की भीड़ उमड़ी।