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आईआईटी बीएचयू और जर्मनी के बर्गिशे यूनिवर्सिटी वुपर्टाल के बीच संस्थागत स्तर पर हुआ एमओयू

By Vns Shailesh Asthana Edited By: Abhishek sharma
Published: Wed, 07 Oct 2026 04:40 PM (IST)

आईआईटी बीएचयू और जर्मनी की बर्गिशे यूनिवर्सिटी वुपर्टाल ने शैक्षणिक व शोध सहयोग बढ़ाने के लिए संस्थागत एमओयू पर हस्ताक्षर ...और पढ़ें

आईआईटी बीएचयू और जर्मनी की वुपर्टाल यूनिवर्सिटी के बीच बढ़ा शोध सहयोग।

आईआईटी बीएचयू और जर्मनी की वुपर्टाल यूनिवर्सिटी के बीच बढ़ा शोध सहयोग।

HighLights

  1. आईआईटी बीएचयू और जर्मनी की वुपर्टाल यूनिवर्सिटी ने एमओयू किया।

  2. संयुक्त शोध, छात्र-शिक्षक आदान-प्रदान को मिलेगा बढ़ावा।

  3. सिविल इंजीनियरिंग सहित अन्य विज्ञान क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (बीएचयू), वाराणसी और जर्मनी की बर्गिशे यूनिवर्सिटी वुपर्टाल के बीच शैक्षणिक एवं शोध सहयोग को और व्यापक बनाते हुए संस्थागत स्तर के समझौता ज्ञापन पर गुरुवार, एक अक्टूबर 2026 को हस्ताक्षर किए गए। इससे दोनों संस्थानों के बीच पहले से चल रहे विभागीय सहयोग को अब संस्थान स्तर पर विस्तार मिलेगा।

यह सहयोग प्रारंभ में दोनों संस्थानों के सिविल इंजीनियरिंग विभागों के बीच शुरू हुआ था। स्कीम फॉर प्रमोशन ऑफ एकेडमिक एंड रिसर्च कोलैबोरेशन के अंतर्गत संचालित संयुक्त शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों की सफलता के बाद दोनों संस्थानों ने सहयोग को व्यापक स्वरूप देने का निर्णय लिया।

समझौते के तहत अब विभिन्न विभागों के बीच संयुक्त शोध परियोजनाओं, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के आदान-प्रदान, अकादमिक गतिविधियों तथा बहुविषयक शोध को बढ़ावा मिलेगा। इससे सिविल इंजीनियरिंग के साथ-साथ इंजीनियरिंग और विज्ञान के अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग के नए अवसर विकसित होंगे।

एमओयू का आदान-प्रदान आईआईटी (बीएचयू) के निदेशक प्रो. अमित पात्रा द्वारा आईआईटी (बीएचयू) में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किया गया। इस अवसर पर जर्मनी से आए प्रो. पाहिरंगन शिवापाथम के साथ बर्गिशे यूनिवर्सिटी वुपर्टाल के 11 विद्यार्थियों का दल भी उपस्थित रहा।

कार्यशाला में सड़क एवं पेवमेंट की आधुनिक जांच तकनीकों पर व्यावहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार जीपीआर तथा ट्रैफिक स्पीड डिफ्लेक्टोमीटर टीएसडी जैसी उन्नत तकनीकों के माध्यम से सड़क एवं पेवमेंट की स्थिति के आकलन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

आईआईटी (बीएचयू) के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि दोनों संस्थानों के बीच सहयोग ने पिछले कुछ वर्षों में महत्वपूर्ण प्रगति की है। विभागीय स्तर पर शुरू हुआ यह सहयोग अब संस्थागत स्तर तक पहुंचा है, जिससे विभिन्न विषयों में संयुक्त शोध, विद्यार्थी एवं शिक्षक आदान-प्रदान और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग के नए अवसर उपलब्ध होंगे।

संस्थानों के बीच विस्तारित सहयोग से सतत अवसंरचना, सड़क एवं पेवमेंट इंजीनियरिंग, उन्नत अवसंरचना जांच तकनीकों तथा पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों के क्षेत्र में संयुक्त शोध को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही, दोनों संस्थान विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय शोध एवं शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में कार्य करेंगे।