वाराणसी : आश्चर्यजनक मगर हकीकत है कि शहर के तीनों विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक बिजली कटौती राज्यमंत्री के दक्षिणी विधानसभा में ही हो रही है जबकि सबसे कम कैंट विधानसभा में है। इसको लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि पूर्व विधायक श्यामदेव राय चौधरी जब तक दक्षिणी विस का नेतृत्व करते रहे तब तक सरकार किसी की रही हो, बिजली कटौती से अफसर कतराते रहते थे। मसलन, सीएम योगी आदित्यनाथ के बेहद करीबी माने जाने वाले राज्यमंत्री डा. नीलकंठ तिवारी के विस क्षेत्र में जब अफसरों की ऐसी कार्य प्रणाली है तो ग्रामीण क्षेत्रों की क्या बात की जाए।

प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद मुख्यमंत्री ने आदेश जारी किया था कि शहर में 24 घंटे बिजली दी जाए लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं हो रहा। गर्मी कम थी तो तकरीबन 23 घंटे बिजली आपूर्ति हो रही थी मगर गर्मी आते ही लोकल फाल्ट के नाम पर सुबह से रात तक ढ़ाई से तीन घंटे से भी ज्यादा बिजली काटी जा रही है। इससे दिन में तो काम चल रहा है मगर रात्रि में लोगों का जीना दूभर हो गया है। लोगों का कहना है कि मंत्री से पूर्व श्यामदेव राय चौधरी विधायक थे तो धरना प्रदर्शन के डर से बिजली कटौती कम हो रही थी मगर अब जबकि मंत्री का खुद का विस क्षेत्र है तब भी समस्या व्याप्त होना बेहद शर्मनाक बात है। इस संबंध में पूर्वाचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के एमडी से बयान लेने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

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अधिकारियों को सरकार की मंशा के अनुरुप कार्य करना चाहिए। जनता को सुविधा मिले, इस दिशा में सतत रूप से कार्य करने की जरूरत है।

-श्यामदेव राय चौधरी, पूर्व विधायक, भाजपा शहर दक्षिणी।

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सरकार की मंशा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बिजली विभाग के चीफ इंजीनियर को निर्देश दिया गया है कि 24 घंटे की बिजली आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित कराएं।

-डा. नीलकंठ तिवारी, राज्यमंत्री।

Posted By: Jagran