देश से लौटने लगा है मानसून, पूर्वांचल के रास्ते इस दिन उत्तर प्रदेश से भी विदा हो जाएंगे मानसूनी बादल
पूर्वांचल में मानसूनी बादलों की विदाई अगले पखवाड़े भर में शुरू हो जाएगी, मौसम विभाग ने 19 सितंबर से वापसी ...और पढ़ें

पूर्वांचल से मानसूनी बादलों की विदाई की तारीख तय, जानें कब शुरू होगी गुलाबी ठंडक।
HighLights
पूर्वांचल से मानसूनी बादलों की विदाई अगले पखवाड़े में होगी शुरू।
उत्तर प्रदेश से 10 अक्टूबर के आसपास मानसूनी बादल विदा होंगे।
मानसून की वापसी के बाद गुलाबी ठंडक का असर महसूस होगा।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। पूर्वांचल में मानसूनी बादलों की सक्रियता का रुख तो बना हुआ है लेकिन पखवारे भर के बाद यह मानसूनी बादलों का रुख विदायी की ओर हो जाएगा। मौसम विभाग ने दो दिनों से मानसूनी सक्रियता के वापसी का संकेत दिया है। विड्राल आफ मानसून सेक्शन को अब पोर्टल में अपडेट करना शुरू कर दिया है। जो मध्य सितंबर में होता था वह अब चार दिनों की अमूमन देरी से मानसूनी विदायी का रुख शुरू हुआ है।
मौसम विभाग ने मानसून के वापसी का जो आंकड़ा जारी किया है वह 19 सितंबर से है और दो दिनों तक वह राजस्थान और पाकिस्तान की सीमा पर बना हुआ है। इसके अब राजस्थान को छोड़ने के बाद दिल्ली हरियाणा पार कर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने की उम्मीद अगले दस दिनों में जताई जा रही है। यह पांच अक्टूबर तक मध्य उत्तर प्रदेश वापस लौटने का अनुमान है तो इसके सप्ताह भर बाद यानी दस अक्टूबर के आसपास यह पूर्वांचल से भी सोनभद्र के रास्ते यूपी से विदा हो जाएगा।

हर साल सोनभद्र के रास्ते उत्तर प्रदेश में मानसून प्रवेश भी करता है और यहीं से मानसूनी सक्रियता दस अक्टूबर के बाद विदा भी हो जाता है। मानसूनी सक्रियता के विदा होने के साथ ही गुलाबी ठंडक का असर भी शुरू हो जाएगा। इस बार मानसून लगभग सप्ताह भर विलंब के बाद आया था और अमूमन औसत समय के आसपास ही विदा भी हो जाएगा। आइएमडी ने अब अपडेट विदायी का जारी करना शुरू कर दिया है। इस लिहाज से पूर्वांचल में अब मानसून एक पखवारे भर तक और शेष है।
अब पखवारे भर बाद पूर्वांचल से मानसूनी बादलों की विदायी का समय आ जाएगा। वहीं दूसरी ओर अनुमानों को धता बताते हुए बादलों ने इस बार पर्याप्त बारिश औसत के आसपास कराई है। जबकि वातावरण का रुख बारिश के अनुकूल पूरे सत्र के दौरान ही बना रहा। अलनीनो की वजह से मानसून कमजोर होने का अनुमान गलत साबित हुआ है। इस लिहाज से मानसूनी सत्र पूरी तरह बेहतर और औसत के करीब कहा जा सकता है।
