अक्टूबर के पहले सप्ताह में उत्तर प्रदेश से पूर्वांचल के रास्ते विदा हो जाएगा मानसून, पश्चिमी उत्तर प्रदेश से शुरू हो गई वापसी
उत्तर प्रदेश से मानसून की वापसी शुरू हो गई है, पश्चिमी यूपी से यह दो दिन पहले ही लौट चुका ...और पढ़ें

उत्तर प्रदेश से मानसून की वापसी शुरू, अक्टूबर के पहले सप्ताह तक पूर्वांचल से विदाई।
HighLights
पश्चिमी उत्तर प्रदेश से मानसून की वापसी दो दिन पहले शुरू।
अक्टूबर के पहले सप्ताह तक पूरे यूपी से मानसून की विदाई।
पूर्वांचल में गुलाबी ठंड की आहट, हल्की बारिश का अनुमान।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। मानसून इस बार भले ही देर से उत्तर प्रदेश में दाखिल हुआ हो लेकिन लौटते समय यह बिल्कुल राइट टाइम हो चला है। आखिरकार उत्तर प्रदेश से मानसून की विदायी का समय आ गया है। बुधवार को मौसम विभाग की ओर से जारी चार्ट में बताया गया कि मानसून अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश से विदायी की ओर है जबकि अब यह मध्य उत्तर प्रदेश तक लौटने को आतुर है।
बुधवार को मौसम विभाग ने चार्ट जारी कर बताया है कि अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक मानसून वापस हो चला है। जो अनुमान के सापेक्षा दो दिन पहले ही वापसी की राह पर आ गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों सहित दिल्ली, एनसीआर और पंजाब हरियाणा से लगभग पूरी तरह मानसून वापस हो गया है। माना जा रहा है कि सप्ताह भर में यह वापसी लखनऊ कानपुर तक हो जाएगी।

मानसून उत्तर प्रदेश में सोनभद्र के रास्ते दाखिल होता है और यहीं से वापसी की राह भी पकड़ता है। इस लिहाज से अक्टूबर माह के पहले सप्ताह या अधिकतम 10 अक्टूबर तक मानसून पूरी तरह से यूपी से विदा हो जाने का अनुमान है। अक्टूबर के शुरुआत या सितंबर माह के अंतिम दिन तक पूर्वांचल में मानसून के वापसी का दौर स्पष्ट हो जाएगा।
मौसम विभाग ने मानसूनी वापसी की गति के तेज होने का अनुमान जताया है। जबकि पूर्वांचल में आर्द्रता में आ रही कमी और सुबह बढ़ रही ठंड अब गुलाबी सर्दियों के आहट की बानगी साबित हो रही है। लोकल हीटिंंग में कमी आने की वजह से माना जा रहा है कि अब बादलों की अधिक सक्रियता का दौर भी खत्म होने वाला है। हालांकि मौसम विभाग ने मानसूनी विदायी के पूर्व बारिश का अनुमान भी पूर्वांचल में जाहिर किया है।
