मानसून अब अधिकतम 25 दिन का पूर्वांचल में मेहमान, बादलों की होने जा रही है विदायी, नोट कर लें तारीख
पूर्वांचल से मानसून की विदाई का दौर शुरू हो गया है, जो 10 अक्टूबर तक पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। ...और पढ़ें

पूर्वांचल में मानसून की विदाई: 10 अक्टूबर तक पूरी तरह लौट जाएगा, गुलाबी ठंडक की शुरुआत।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, वाराणसी। पूर्वांचल से मानसून अब विदायी की ओर पखवारे भर के बाद होने जा रहा है। अब मानसून की माह भर में विदायी हो जाएगी। पूर्वांचल में उमस का दौर खत्म होने की ओर है तो लोकल हीटिंंग का असर कम होने के बाद आगे बारिश की संभावना भी कम होती जाएगी। इसके साथ ही दस अक्टूबर तक पूर्वांचल से मानसून पूरी तरह से विदायी ले लेगा।
मानसून इस बार भले ही देर से आया हो लेकिन औसत बारिश अगस्त माह से कराने के बाद मानसूनी सक्रियता अब आने वाले दिनों में कमजोर पड़ने जा रही है। पर्याप्त बारिश की वजह से मौसम भी ठंड हो चला है और लोकल हीटिंंग के अभाव में आगे बारिश अधिक नहीं होगी। मौसम विभाग की ओर से भी इस सप्ताह बादलों की आवाजाही का संकेत तो है लेकिन भारी बारिश नहीं होगी।

मौसम विभाग ने इसी सप्ताह मौसम का रुख बदलने का अनुमान जताते हुए 17 सितंबर से आसमान कुछ हद तक साफ होने का संकेत दिया है। इसकी वजह से आने वाले दिनों में मौसम का रुख बदलेगा और सुबह कुहासे की स्थिति गुलाबी ठंड का अहसास कराने लगेगी। माना जा रहा है कि अब गुलाबी ठंडक भी शुरू होने की ओर है।
वहीं दूसरी ओर हर साल मध्य सितंबर में सबसे पहले राजस्थान से मानसून की विदायी होती है। इसके बाद दिल्ली हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पार कर मानसून की वापसी अधिकतम 10 अक्टूबर तक पूर्वांचल से भी सोनभद्र के रास्ते हो जाती है। अगस्त माह में बादलों ने रिकार्ड पानी गिराया है तो सितंबर के मध्य तक भी बादलों ने पर्याप्त राहत दी है। अब अगले बीस दिन में बारिश होगी वह बोनस ही मानी जा सकती है।
मौस विभाग की ओर से लगातार मानसून के वापसी का चार्ट अपडेट भी अब किया जाना है। इसके साथ ही गुलाबी ठंडक की सक्रियता का दौर लोगों को राहत भी देना शुरू कर देगा। दिन में धूप भी अब चटख नहीं होगी तो सुबह पंखे बंद करने की नौबत भी आ जाएगी। मौसम विभाग की ओर से जारी अनुमानों के अनुसार दस अक्टूबर तक पूर्वांचल में मानसूनी बारिश भी बंद हो जाएगी।
