वाराणसी, जेएनएन। पंचायत चुनाव में गांवों में पैर पसार चुकी वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण पर नजर रखने के लिए बनाई गई निगरानी समिति लक्षण व्यक्तियों की सूची बनाने के साथ सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर देगी। समिति की सूचना के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम तत्काल अलर्ट हो जाएगी। लक्षण व्यक्ति को अस्पताल बुलाकर या घर जाकर एंटीजन व आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल लेगी। साथ ही उसे तत्काल दवा मुहैया कराएगी। गांव में बनी निगरानी समिति में ग्राम पंचायत सचिव, आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, लेखपाल के साथ स्थानीय एक व्यक्ति है। अभी तक टीम कोराेना दवा किट बांट रही थी। 

पंचायत चुनाव ने घर-घर कोरोना संक्रमण पहुंचा दिया है। कई मौतें होने के साथ हजारों लोग संक्रमण संक्रमण से जूझ रहे हैं। पूरा परिवार भयभीत और डरा है। कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने और नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। गांव-गांव और घर-घर काेरोना दवा किट पहुंचाने के लिए मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी समेत कई विभाग के अफसर नजर आ रहे हैं। इसका असर भी गांवों में दिख रहा है लेकिन जो कोरोना संक्रमण की जद में आ चुके हैं उन्हें बचाना इन अफसरों के लिए चुनौती है। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कहा है कि निगरानी समिति के पास एक-एक घर की रिपोर्ट होनी चाहिए।

जिस घर में कोरोना लक्षण के व्यक्ति या मरीज दिखाई पड़े उन्हें तत्काल उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। तबीयत अधिक खराब होने पर तत्काल अस्पताल में भर्ती कराएं, उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। परिवार के अन्य सदस्यों को भी कोरोना दवा किट उलब्ध कराएं। साथ में क्वारंंटाइन रहने की सलाह दें, फिर भी वे बाहर निकलते हैं तो उनके साथ सख्ती से पेश आएं। स्थानीय पुलिस भी कोरोना लक्षण व्यक्ति को चेतावनी देने साथ समझाए।