मीरजापुर, जागरण संवाददाता। विंध्याचल में विंध्य कारिडोर का शिलान्यास करके गृहमंत्री अमित शाह ने पूर्वांचल की राजनीति में अहम भूमिका रखने वाले ब्राह्मण मतदाताओं को भी साधा। मीरजापुर से पूर्वांचल एक दर्जन से अधिक सीटों पर भारतीय जनता पार्टी की पकड़ को जड़ से मजबूत बना दिया। वहीं केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल के माध्यम से पिछड़ों में भी पैठ बनाने की अमिट कोशिश की। मीरजापुर में लगभग दो घंटे के भ्रमण के दौरान 2022 के जीत की नींव को मजबूत बनाया।

यूपी चुनाव से पहले बसपा प्रमुख मायावती का ब्राह्मण प्रेम जाग गया है। बसपा प्रमुख उत्तर प्रदेश चुनाव में अपनी सियासी पारी को फिर शुरू करने के सपने देख रहीं। बसपा उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों को लुभाने और सत्ता में वापसी की तैयारी कर रही है। चुनाव से ठीक पहले ब्राह्मण कार्ड खेला है। पूरे राज्य में ब्राह्मण सम्मेलन का आयोजन करने जा रही हैं। वहीं उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए समाजवादी पार्टी ने अपने ब्राह्मण संपर्क कार्यक्रम के तहत प्रबुद्ध सम्मेलनों की एक श्रृंखला आयोजित करने की मंजूरी दे दी है। ऐसे में गृहमंत्री अमित शाह ने विंध्याचल में विंध्य कारिडोर का शुभारंभ करके पूर्वांचल के ब्राह्मण मतदाताओं को साधने का कार्य किया। गृहमंत्री के कार्यक्रम से पूर्वांचल की राजनीति में सपा व बसपा को काफी प्रभाव पड़ेगा।

मोदी को उत्तर प्रदेश की अहमियत पता, प्रधानमंत्री की पृष्टिभूमि काशी से हुआ तय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उत्तर प्रदेश की अहमियत के बारे में अच्छी तरह से पता है। उन्हें यह भलीभांति जानकारी है कि इसी प्रदेश से देश की राजनीति बदलती है। यहीं से केंद्र सरकार की सत्ता तय होती है इसीलिए उन्होंने यहां के लोगों की जरूरतों को समझा और पूर्वांचल के काशी को अपना राजनीति का केंद्र बनाया। इसमें उन्हें अपार सफलता मिली। यहीं की जनता ने उन्हें अपने पलकों पर बैठाकर भारी मतों से जिताया। यही नहीं, दो बार प्रधानमंत्री भी बनाया। गृहमंत्री अमित शाह ने यह माना कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा प्रदेश है। कहा कि यूरोप की आधी आबादी के बराबर यहां की आबादी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब केंद्र की राजनीति शुरू की तो उन्होंने सबसे अधिक उत्तर प्रदेश को अहमियत दी। उन्होंने कहा कि यहीं से राजनीति शुरू करनी है। अगर यहां के लोगों ने उनका साथ दे दिया तो निश्चित रूप से उनकी पार्टी सत्ता पर काबिज होगी। इसलिए उन्होंने आस्था की नगरी काशी से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया। 2013 में उनके चुनाव का प्रचार-प्रसार के लिए उत्तर प्रदेश आने का मौका मिला।

Edited By: Saurabh Chakravarty