वाराणसी, जेएनएन। उत्तर प्रदेश के मंत्री सुरेश खन्ना ने इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण कर कमिश्नरी सभागार में कोविड  से बचाव एवं इलाज कार्यों की मंगलवार को समीक्षा की। मंत्री ने वाराणसी में बढ़ते कोविड मरीजों के दृष्टिगत इलाज के लिए 500 बेड और बढ़ाने के निर्देश दिए। बीएचयू  L-3 के 400  बेड संचालित करें। इसी तरह L-1, L-2 के  अस्पतालों में बेड बढ़ाने के लिए संख्या व तिथि निर्धारित कर दी। उन्‍होंने  कहा कि इलाज के समस्त विकल्प साधनों को पूरी शक्ति के साथ प्रयोग कर मरीज को हर हाल में बचाना है। मरीज के साथ सहानुभूति पूर्ण व्यवहार औषधि का कार्य करता है। मरीज के परिजन की भी मनोदशा सामान्य नहीं होती है वह भावावेश में भी बात कर सकते हैं, लेकिन हम सभी प्रशासनिक, मेडीको के लोग उनसे सहानुभूति पूर्वक बात करें।

इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल रूम निरीक्षण में मंत्री ने इसे ऑनलाइन करने के निर्देश दिए। कमांड कंट्रोल की पूरी जानकारी लेकर उन्होंने निर्देशित किया मरीज की जानकारी होने पर उसे एंबुलेंस से लेकर अस्पताल तक पहुंचाने में कम से कम समय लगे तथा अस्पताल पहुंचते ही बेड मिल जाए और इलाज शुरू हो जाए। अस्पतालों में खाली बेडों की  ऑनलाइन जानकारी होती रहे, ताकि कमांड कंट्रोल से डॉक्टर मरीज को उचित अस्पताल में भेज सकें। मंत्री जी ने कहा कि कोरोना से बचाव हेतु सर्विलांस से संदिग्ध लोगों की पहचान कर उनकी जांच करना तथा पॉजिटिव लोगो का  तत्काल इलाज हो इससे मृत्यु दर कम होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने कोविड-19 के बचाव व इलाज में व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। इसके फलस्वरूप 80 हजार से अधिक  कोरोना मरीज ठीक हो चुके हैं।  प्रतिदिन लाख से अधिक सैंपलिंग हो रही है। प्रदेश में 32 लाख से अधिक टेस्टिंग हो चुकी है। मेडिकल, प्रशासनिक सभी को मिलजुलकर प्रयास के यह परिणाम है।

मंत्री सुरेश खन्ना  ने लोगों से अपेक्षा की है कि कोरोना से बचाव हेतु शासन की गाइड लाइन का पूरी तरह से पालन करें। मास्क का प्रयोग, सोशल डिस्टेंसिंग,भीड़-भाड़ से बचाव, साबुन से हाथ धोना सेनीटाइज करना आदि सभी कार्य करें।  उन्होंने बताया कि आंकड़ों में 20 से 45 वर्ष आयु के लोगों में कोरोना पॉजिटिव का प्रतिशत अधिक पाया जा रहा है जो चिंता का विषय है। युवा इस महामारी के प्रति संवेदनशील बने और  संक्रमण से बचाव के तरीकों को अपनाएं शिथिलता बिल्कुल नहीं बरतें। मुकेश खन्‍ना ने कोविड-19 अस्पतालों के इन्चार्जों में  जोश भरते हुए कहा कि इस आपदा में हमें अपने को बेहतर साबित करने का अवसर है। इलाज के साथ  मरीज व उसके परिवार से मीठे बोल बहुत बड़ा काम करते हैं। सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में एथिक, सेमिनार भी शुरू किए हैं शासन द्वारा मरीजों के लिए रिमेडीसीवर जैसी महंगी दवाओं के प्रयोग की अनुमति दे दी है। जरूरत के अनुसार कोई भी दवा व उपाय कर  मरीज को बचाना है। इस अवसर पर मंत्री डॉक्‍टर नीलकंठ तिवारी, विभिन्न जनप्रतिनिधिगण, मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल, जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा सहित विभिन्न विभागों के प्रशासनिक एवं मेडिकल ऑफिसर उपस्थित थे।