वाराणसी, जेएनएन। जरा संभलकर दूध का सेवन करें, दूध के नाम पर सेहत के साथ खिलवाड़ का जगतपुर में मिलावटी दूध फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। काशी संजोग के नाम से बिक रहे दूध में डिटर्जेट पाउडर मिलाकर बाजार में पैकेट का दूध बेचा जा रहा था। एडीएम सिटी के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा की टीम ने छापेमारी कर फैक्ट्री में रखे 10 हजार लीटर दूध को नष्ट कराया। डेयरी का लाइसेंस निरस्त करने के लिए खाद्य आयुक्त को रिपोर्ट भेजी गई है। शासन से आदेश मिलते ही संबंधित के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई जाएगी।

प्योर डेयरी सल्युशन कंपनी काशी संजोग नाम से पैकेट दूध बाजार में बेच रही थी। जिला प्रशासन को सूचना मिली कि इस कंपनी के दूध की महक अलग है। दूध में मिलावट का संदेह होने पर एडीएम सिटी विनय सिंह ने 19 मई को चार सैंपल लेकर जाच को भेजा था। सोमवार देर रात रिपोर्ट मिली कि दूध में डिटरजेंट मिलाकर बेचा जा रहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद एडीएम सिटी ने रोहनिया के जगतपुर स्थित फैक्ट्री पर दबिश दी। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसके सिंह ने बताया कि टैंकर भिंड मुरैना से दूध लेकर बनारस आया है जबकि अक्सर बनारस से पश्चिम की तरफ दूध जाता है।

सूचना के बाद पहुंची टीम ने फैक्ट्री में छापा मारकर दूध, क्रीम और घी के सैंपल लेकर जाच को भेजा। सोमवार की रात रिपोर्ट आने पर मौके पर 280 किलो क्रीम, 191 टीन (प्रति टीन 15 किलो) को सील और 10 हजार लीटर दूध नष्ट कर दिया गया। वहीं काफी मात्रा में अमूल कंपनी की दर्जनों बोरी पॉउडर दूध के साथ घी भी मिला है। यहां से दूध की सप्लाई गाजीपुर व प्रयागराज में होती है। छापेमारी टीम में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी, एसके सिंह, असिस्टेंट फूड कमिश्नर हरिमोहन श्रीवास्तव, महातिम यादव, गोविंद यादव, रमेश सिंह, अवनीश सिंह आदि शामिल थे।

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