वाराणसी : छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले में शहीद सीआरपीएफ के जवान रविनाथ पटेल व अर्जुन राजभर का पार्थिव शरीर सोमवार की शाम उनके गांव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। पूरे सैनिक सम्मान के साथ उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया।

बड़ागांव के दल्लूपुर बसनी निवासी सीआरपीएफ जवान रवि के गांव में बड़ी संख्या में लोग उमड़े थे। शहीद का पार्थिव शरीर पहुंचने के पूर्व जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा, एडीजी जोन पीवी रामाशास्त्री, एसएसपी आरके भारद्वाज, प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि मंत्री नीलकंठ तिवारी, पूर्व मंत्री सुरेन्द्र पटेल पूर्व विधायक अजय राय, ललितेश त्रिपाठी, हंसराज विश्वकर्मा ने घर पहुंच कर परिजनों को ढाढस बंधाया।

95 वीं बटालियन सीआरपीएफ पहड़िया वाराणसी के जवानों ने डीआइजी एमएस शेखावत के नेतृत्व में शहीद जवान को गार्ड आफ आनर दिया। जिसके बाद शहीद जवान के पार्थिव शरीर पर पुष्प गुच्छ अर्पित कर श्रद्धाजलि दी गई।

जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री राहत कोष से शहीद के पिता रामप्रसाद के खाते में 20 लाख रुपये ट्रासफर कर आरटीजीएस का प्रमाणपत्र प्रदान किया। शहीद के पार्थिव शरीर को फूलमालाओं से सजे खुले ट्रक में रखकर अंत्येष्टि के लिए शाम छह बजे मणिकर्णिका घाट के लिए रवाना किया गया। उधर, सीआरसीएफ जवान अर्जुन राजभर का पार्थिव शरीर उनके पैतृक आवास गाजीपुर के शादियाबाद थाना क्षेत्र के बरईपार करीब सवा सात बजे पहुंचा तो लोगों की आंखें नम हो गई। जिला मुख्यालय स्थित श्मशान घाट पर सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पिछड़ा वर्ग व विकलांग कल्याण मंत्री ओमप्रकाश राजभर, खाद्य प्रसंस्करण व सैनिक कल्याण राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार अनिल राजभर, डीएम के बालाजी, एसपी सोमेन बर्मा, सहित तमाम लोगों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी।

Posted By: Jagran