संग्राम सिंह, वाराणसी<ढ्डह्म> दीनापुर एसटीपी को गैस से संचालित करने की तैयारी है। इस पर जल्द अमल किया जाएगा। यह प्रदेश की पहली ऐसी एसटीपी होगी जो मिथेन गैस से चलेगी। अभी सीवर शोधित करने के लिए इंजन चलाने मे बिजली और डीजल पर हर माह विभाग को औसतन 25 लाख रुपये खर्च करना पड़ रहा। भविष्य मे दीनापुर सीवरेज ट्रीटमेट प्लांट मे इसकी जगह मिथेन गैस का उपयोग किया जाएगा। सूबे मे पहली बार मिथेन गैस से चलने वाली दीनापुर एसटीपी के लिए यूपी जल निगम ने सात करोड़ की लागत से जर्मनी से तीन गैस इंजन आयात किए है। जिन्हे फरवरी के दूसरे हफ्ते मे लगाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। गैस इंजन लगने से बिजली और डीजल की बचत होगी, साथ मे सीवरेज का निर्बाध ट्रीटमेट भी संभव हो सकेगा।<ढ्डह्म> - मलजल से तैयार होगी मिथेन गैस <ढ्डह्म> तीनो गैस इंजन मिथेन गैस से चलेगे। यह गैस मलजल से तैयार होगी। अभी दीनापुर एसटीपी ड्यूल फ्यूल जनरेटर से संचालित हो रही। इसमे बिजली-डीजल पर लाखो रुपये खर्च हो रहे है। एसटीपी की क्षमता 80 से बढ़ कर 140 एमएलडी हो रही है, इसलिए दिल्ली जल बोर्ड की तर्ज पर गैस इंजन लग रहा है। तीनो गैस इंजन को प्लांट मे इंस्टाल करना शेष है। <ढ्डह्म> - गैस से ऐसे चलेगा प्लांट<ढ्डह्म> पंप से सीवर लिफ्ट कर डाइजेस्टर मे रखने के बाद पानी को आगे बढ़ा दिया जाएगा। इस प्रक्रिया मे नीचे जमा मल को 22 दिनो तक रखा जाएगा। इससे मिथेन गैस तैयार होगी, उसे शुद्धिकरण के लिए बायो मिक्सिंग कंप्रेशर से गुजारा जाएगा। स्क्रबर सिस्टम से गैस मे सल्फर के तत्व को बाहर कर शुद्ध मिथेन गैस इंजन मे डाली जाएगी, जिससे इंजन चलने लगेगा।<ढ्डह्म> - मार्च 2018 तक होगी शुरुआत <ढ्डह्म> करीब 170 करोड़ रुपये की लागत से दीनापुर एसटीपी का काम मार्च 2015 से चल रहा है, इसे पूर्ण होने की समय सीमा मार्च 2018 निर्धारित है। 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। पिछले दिनो काशी दौरे पर आए सीएम ने इसे तय सीमा तक हर हाल में चालू करने का आदेश दिया था।<ढ्डह्म> - स्कॉडा सिस्टम से होगा कंट्रोल<ढ्डह्म> दीनापुर एसटीपी पूर्णत: स्कॉडा सिस्टम पर चलेगी। कहने का आशय यह कि इसे ऑटोमेटिक कंट्रोल किया जा सकेगा। एक कंट्रोल रूम मे बैठ एक्सपर्ट इसे ऑपरेट कर सकेगे। इसके लिए एसटीपी मे सेसर बेस्ड उपकरण इंस्टाल किया जा रहा है।<ढ्डह्म> - 2850 केवीए लोड की जरूरत<ढ्डह्म> एसटीपी को संचालित करने के लिए कुल लोड 2850 केवीए चाहिए। नई व्यवस्था मे करीब 2600 केवीए लोड मिथेन गैस इंजन से उत्सर्जित होगा, वही 250 केवीए के लिए बिजली की आवश्यकता होगी।<ढ्डह्म> ---------<ढ्डह्म> कोट<ढ्डह्म> गैस इंजन से प्लांट चलेगा तो जल निगम पर आर्थिक बोझ कम पड़ेगा। वही प्लांट को भी निर्बाध रूप से चलाया जा सकेगा।<ढ्डह्म> - विवेक सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम

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