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वाराणसी में यूजीसी को लेकर करणी सेना के लोग धरना देने पर अडे़, शास्‍त्री घाट पर भारी पुल‍िस फोर्स तैनात, दो लोग अरेस्ट

By Sonu SinghEdited By: Abhishek sharma
Published: Sun, 27 Sep 2026 03:24 PM (IST)

वाराणसी में करणी सेना के सदस्य यूजीसी के खिलाफ शास्त्री घाट पर धरना देने पर अड़े हैं, जिसके चलते भारी ...और पढ़ें

HighLights

  1. करणी सेना यूजीसी की नई नीतियों के खिलाफ धरना दे रही है।

  2. शास्त्री घाट पर भारी पुलिस बल तैनात, तनावपूर्ण स्थिति बनी।

  3. करणी सेना जिला अध्यक्ष आलोक सिंह को हाउस अरेस्ट किया गया।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। वाराणसी में यूजीसी के खिलाफ करणी सेना के सदस्यों द्वारा शास्त्री घाट पर धरना देने की योजना को रोकने के लिए एसीपी कैंट के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। करणी सेना के लोग यूजीसी के मुद्दे पर धरना देने की अपनी मांग पर अड़े हुए हैं, जिसके कारण वहां तनाव की स्थिति बनी हुई है।

इससे पहले, करणी सेना के जिला अध्यक्ष आलोक सिंह को हाउस अरेस्ट कर लिया गया था। आलोक सिंह के आवास पर पार्वती नगर में करणी सेना के सदस्य जुटने लगे थे। यहां से महावीर चौराहे पर चक्का जाम करने की तैयारी चल रही थी, जिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई। वहीं इसके पूर्व धरनारत तीन लोगों को शास्‍त्री घाट से सुबह उठाकर पुल‍िस ने जबरन अस्‍पताल में भर्ती करा द‍िया था। इसके बाद से ही तनाव का असर होने लगा था। 

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पुलिस ने शास्त्री घाट पर सुरक्षा बढ़ा दी है और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए तैयार है। करणी सेना के सदस्यों का कहना है कि वे यूजीसी के खिलाफ अपनी आवाज उठाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं और किसी भी कीमत पर धरना देंगे।

पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं। एसीपी कैंट ने बताया कि शांति बनाए रखने के लिए सभी उपाय किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि करणी सेना के लोग धरना देने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें रोकने के लिए पुलिस पूरी तरह से तैयार है।

इस बीच, करणी सेना के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन उनकी आवाज को दबाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि वे यूजीसी के खिलाफ अपने अधिकारों के लिए लड़ेंगे और किसी भी प्रकार की दमनकारी कार्रवाई को सहन नहीं करेंगे।

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पुलिस की तैनाती और करणी सेना के सदस्यों के बीच तनाव के बीच, वाराणसी में स्थिति को सामान्य बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सभी आवश्यक कदम उठाए हैं। स्थानीय लोगों में भी इस मुद्दे को लेकर चिंता का माहौल है।

इस धरने के पीछे का मुख्य कारण यूजीसी द्वारा लागू की गई नई नीतियों का विरोध है, जिसे करणी सेना ने छात्रों के हितों के खिलाफ बताया है। करणी सेना का कहना है कि ये नीतियां छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर सकती हैं और इसलिए वे इसके खिलाफ आवाज उठाने के लिए मजबूर हैं।

इस मामले में आगे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां कर ली हैं। वाराणसी में यूजीसी के खिलाफ करणी सेना का धरना एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है, जिसे प्रशासन और पुलिस दोनों ही गंभीरता से ले रहे हैं। आगे की घटनाओं पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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