वाराणसी, जेएनएन। बीएचयू के एंफीथिएटर ग्राउंड में अस्थाई अस्पताल बनकर लगभग तैयार है। दो दिन बाद यहां भर्तियां भी चालू हो जाने की उम्मीद है। इस अस्पताल में कार्य करने वाले मेडिकल स्टाफ, एमबीबीएस छात्र और डॉक्टर एम्स दिल्ली से दो दिन के अंदर आ जाएंगे। इसके मद्देनजर आज एनडीआरएफ की टीम रानी लक्ष्मीबाई छात्रावास में डेरा डालेगी और पूरा हॉस्टल सेनिटाइज करेगी। वहीं हॉस्टल में एक कमरे में एक स्टाफ रहेंगे और दिन भर में तीन-चार बार शौचालय आदि सैनिटाइज किये जायेंगे। बीएचयू प्रशासन ने मंगलवार को हॉस्टल पूरी तरह से खाली कराकर जिला प्रशासन को सौंप दिया है। डीआरडीओ द्वारा बनाये जा रहे इस अस्पताल में देश भर के एम्स और अन्य मेडिकल कॉलेजों से डॉक्टरों की टीम यहां पर रहेगी, उन्हें संक्रमण का कोई खतरा न हो इसका विशेष प्रयास किया जा रहा है, इसलिए पहले एनडीआरएफ दल को जिम्मेदारी सौंपी गई है वे सारी व्यवस्था का परीक्षण कर लें। यह छात्रावास अभी निर्माणाधीन अवस्था में है। बीएचयू प्रशासन ने बताया कि इसे आठ मंजिले तक तैयार किया जाना है, मगर आपदा की स्थिति में काम रोककर मेडिकल स्टाफ को सुपुर्द किया जा रहा है। जब स्थिति सामान्य होगी तब यहां फिर से काम शुरू किया जाएगा। इस छात्रावास को खाली कराने में बीएचयू को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी, यहां छात्रों ने कई कमरे अवैध रुप से हथिया लिए थे जिसे मंगलवार को कड़ाई पूर्वक छुड़ा लिया गया। अब सवाल यह है कि हॉस्टल में बाथरूम और किचन तो सार्वजनिक होते हैं, यदि सभी एक जगह पर इकठ्ठा होंगे एक समय में तो कैसे शारीरिक दूरी और आइसोलेशन के नियमों का पालन होगा। यदि कोई इनमें से संक्रमण का शिकार होगा तो उसे कहां पर आइसोलेट करेंगे इसपर प्रशासन अभी मौन है।

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