मऊ (जेएनएन) । जिले को लगातार मिल रहे लचर जनप्रतिनिधित्व और सियासी शून्यता के चलते जिले में निर्माण और विकास की बुनियादें हिलने लगी हैं। वाराणसी, इलाहाबाद, गोरखपुर और लखनऊ को भी जब मेट्रो नसीब नहीं थे तो जनपद के सृजनकर्ता और विकास पुरुष कल्पनाथ राय ने 30 नवंबर 1997 को मऊ मेट्रो के माध्यम से दूरदर्शन का प्रसारण शुरू कराया था। लेकिन दूरदर्शन महानिदेशालय नई दिल्ली से इसे 17 नवंबर 2018 से हमेशा के लिए बंद करने का फरमान आ चुका है। मऊ, आजमगढ़, गाजीपुर और बलिया जिले के सीमावर्ती हजारों गांवों में लोग एक साधारण एंटिना के माध्यम से अभी तक इस सेवा का लाभ उठा रहे थे। 

दूरदर्शन महानिदेशालय नई दिल्ली के आदेशानुसार दूरदर्शन के टेरेस्ट्रियल ट्रांसमीटर मऊ को 17 नवंबर 2018 से बंद कर दिया जाएगा। मऊ दूरदर्शन केंद्र के आहरण एवं संवितरण अधिकारी रामाश्रय यादव ने केंद्राध्यक्ष की ओर से इस आशय की सूचना जारी करते हुए बताया कि आम जन एवं दर्शकों के लिए दूरदर्शन के चैनल अब डीटीएच प्लेटफार्म पर उपब्ध रहेंगे। जिले में यह सूचना मिलते ही सियासी खेमों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। बुद्धिजीवी समाज अपने-अपने ढंग से इस बंदी की घोषणा की समीक्षा कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषक ज्ञानेंद्र मिश्र ने कहा कि मऊ दूरदर्शन केंद्र से कार्यक्रमों का प्रसारण बंद होना दुखद है। कहा कि सियासत से अलग यह कल्पनाथ राय के प्रयास से ऐसा निर्माण था, जिसके ध्वस्त होने के बाद वर्तमान जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर तो सवाल उठेगा ही। इससे जनप्रतिनिधि नहीं बच सकते।

Posted By: Abhishek Sharma