वाराणसी में थिओसोफिकल सोसाइटी परिसर में होटल का नक्शा निरस्त, ध्वस्तीकरण करने पहुंची वीडीए की टीम को दिखाया हाईकोर्ट का स्टे
वाराणसी में दयाल ग्रुप के होटल के ध्वस्तीकरण के लिए पहुंची वीडीए की टीम को हाई कोर्ट के स्थगन आदेश ...और पढ़ें

वाराणसी में होटल ध्वस्तीकरण पर हाई कोर्ट का स्टे, वीडीए को लौटना पड़ा खाली हाथ।
HighLights
वीडीए की टीम होटल ध्वस्तीकरण के लिए पहुंची।
हाई कोर्ट के स्थगन आदेश से कार्रवाई रुकी।
जमीन के स्वामित्व और लीज का विवाद सामने आया।
अरुण कुमार मिश्र, जागरण, वाराणसी। थिओसोफिकल सोसाइटी परिसर में दयाल ग्रुप के होटल निर्माण पर वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) की कार्रवाई शुक्रवार को हाईकोर्ट के स्टे आर्डर के सामने रुक गई। होटल का नक्शा निरस्त होने के बाद ध्वस्तीकरण करने पहुंची वीडीए की टीम को मौके पर हंगामे जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा।
कई घंटे तक कार्रवाई को लेकर मशक्कत चलती रही। अंत में निर्माण पक्ष की ओर से हाई कोर्ट का स्थगन आदेश दिखाए जाने के बाद टीम को वापस लौटना पड़ा। होटल निर्माण को लेकर जमीन के स्वामित्व और लीज से जुड़े विवाद भी सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि परिसर की जमीन 30 साल की लीज पर ली गई है।
जमीन के स्वामित्व समेत अन्य विवादों के बीच होटल निर्माण की वैधता पर सवाल उठे तो वीडीए ने विभागीय स्तर पर कार्रवाई की। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, निर्माण के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाए जाने की बात सामने आने के बाद प्राधिकरण ने नियमानुसार कार्रवाई का निर्णय लिया।
नक्शा निरस्त, फिर भी निर्माण पर सवाल
होटल का नक्शा निरस्त होने के बाद वीडीए की ध्वस्तीकरण कार्रवाई ने मामले को और चर्चा में ला दिया। प्राधिकरण की टीम कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंची तो वहां तनावपूर्ण स्थिति बन गई। निर्माण पक्ष की ओर से हाई कोर्ट का स्थगन आदेश प्रस्तुत किए जाने के बाद कार्रवाई रोकनी पड़ी।
अब इस मामले में आगे की कार्रवाई न्यायालय के आदेश और विभागीय अभिलेखों के परीक्षण के आधार पर तय होगी। मामले में जमीन की लीज, स्वामित्व और निर्माण की स्वीकृति से जुड़े पहलू महत्वपूर्ण हैं।
