वाराणसी में महिला होमगार्ड ने फंदे पर लटककर दी जान, एक पुरुष और एक महिला गिरफ्तार
वाराणसी के चितईपुर में महिला होमगार्ड अनुराधा तिवारी ने बुधवार देर रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मृतका ...और पढ़ें

वाराणसी: महिला होमगार्ड ने फांसी लगाई, आत्महत्या के लिए उकसाने वाले दो गिरफ्तार।
HighLights
वाराणसी में महिला होमगार्ड अनुराधा तिवारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या की।
सास की शिकायत पर अजय पांडेय और अंजली गिरफ्तार किए गए।
आरोपियों ने महिला होमगार्ड को आत्महत्या के लिए उकसाया, पैसे भी हड़पे।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। चितईपुर थाना क्षेत्र के नेवादा स्थित हनुमत कृपा अपार्टमेंट के प्रथम तल पर रहने वाली महिला होमगार्ड अनुराधा तिवारी (35) ने बुधवार की देर रात कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। बेटे युवराज तिवारी ने मां को फांसी के फंदे पर लटकता देखा तो पुलिस को सूचना दी और रस्सी काटकर शव को नीचे उतारा।
सूचना पर चौकी प्रभारी आदित्य मिश्रा मौके पर पहुंचे। फारेंसिक टीम ने साक्ष्य इकट्ठा किया। मामले में मृतका की सास चंद्रावती तिवारी की तहरीर पर केस दर्ज कर पुलिस ने एक महिला और एक पुरुष को गुरुवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
जानकारी के अनुसार अनुराधा के पति धनंजय तिवारी की तीन साल पहले ही मौत हो गई थी। पति की मौत के बाद अनुराधा को होमगार्ड की नौकरी मिली थी। पिछले महीने अनुराधा की ड्यूटी चितईपुर थाने पर लगी थी। बुधवार को ड्यूटी से घर आने के बाद देर रात में उसने अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी।
सास चंद्रावती देवी का कहना है कि बेटे की मौत के बाद अनुराधा आरोपित अजय पांडेय संपर्क में आयी थी। उसके बच्चे भी आरोपित को पिता मानते थे। इसी बीच अजय पांडेय के आफिस में काम करने वाली युवती अंजली आ गई। जिसके संपर्क में आने के बाद वह उसके करीब हो गया। इस बात की जानकारी होने पर मृतका ने कई बार आरोपित का विरोध किया लेकिन वह नहीं माना।
आरोपित ने मृतका के पैसे भी हड़प लिए थे। सास के अनुसार दोनों ने मिलकर उनकी बहू को आत्महत्या के लिये मजबूर किया है। चितईपुर थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश गौतम ने बताया कि अजय पांडेय और अंजली के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है।
अजय पांडेय मूल रुप से बांदा का रहने वाला है और यहां सारनाथ में रहता है। वर्ष 2012 से वाराणसी में रहकर कार्य करता है। उसकी साथी अंजली बोकारो झारखंड की रहने वाली है। अजय पांडेय फार्मासिस्ट है और इसकी दवा की एक कंपनी भी है। जिसमें अंजली एक वर्ष से काम करती थी।
