वाराणसी, जेएनएन। कोरोना महामारी के चलते महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के स्नातकोत्तर सेमेस्टर की परीक्षाएं ओएमआर (आप्टिकल मार्कर रीडर) शीट पर कराई जाएंगी। परीक्षा में दीर्घ व लघु उत्तरीय के बजाय बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। एक प्रश्न के चार विकल्प दिए जाएंगे। इसमें से किसी विकल्प के खाने में काले पेन या पेंसिल से भरना होगा। परीक्षार्थियों को दो घंटे में 100 प्रश्नों का उत्तर देना होगा।

सत्र को नियमित बनाए रखने के लिए उठाया गया कदम

कुलपति प्रो. टीएन सिंह की अध्यक्षता में गत दिनों परीक्षा समिति ने इसकी मंजूरी दी। अब इस प्रस्ताव को वित्त समिति से मंजूरी मिलने के बाद ओएमआर आधारित प्रश्नपत्र बनाए जाएंगे। शासन ने कोविड-19 महामारी के चलते ऑनलाइन पठन-पाठन को बढ़ावा देने के साथ परीक्षाएं व मूल्यांकन भी कराने सुझाव दिया है। वहीं, परीक्षा में बहुविकल्पीय सवाल पूछने पर भी जोर दिया जा रहा है ताकि कंप्यूटर से मूल्यांकन कर कम समय में परिणाम जारी किया जा सके। इसके पीछे शासन की मंशा सत्र को नियमित बनाए रखना है। वहीं, विद्यापीठ में ग्रामीण व नगर दोनों क्षेत्रों के विद्यार्थी पढ़ते हैं। इसे देखते हुए विवि की परीक्षा समिति ऑनलाइन परीक्षा का प्रस्ताव खारिज कर दी है।

13 दिनों में परीक्षा खत्म करने का लक्ष्य

इस बीच महामारी के कारण स्नातक स्तर की स्थगित परीक्षाएं जैसे चल रही थीं वैसे ही कराई जाएंगी। हालांकि परीक्षा का समय व प्रश्न कम किए जाएंगे। स्नातकोत्तर स्तर के सभी सेमेस्टर की परीक्षाएं ओएमआर शीट पर व 13 दिनों में खत्म करने का लक्ष्य है। ओएमआर शीट पर परीक्षा कराने से विश्वविद्यालय को सादी उत्तर पुस्तिकाओं के मुद्रण व मूल्यांकन मद में होने वाले खर्च की बचत होगी। परीक्षाएं जुलाई में कराने का प्रस्ताव है।

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