विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Maha Shivratri 2026: महाशिवरात्रि पर इस शुभ मुहूर्त में करें शिव जी की पूजा, काशी व‍िश्वनाथ मंद‍िर के करें Live दर्शन

Published: Sat, 14 Feb 2026 07:00 AM (GMT+05:30)Updated: Sat, 14 Feb 2026 10:11 PM (GMT+05:30)

महाशिवरात्रि 2026 फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी पर 15 फरवरी को मनाई जाएगी। इस दिन भक्त शिव-पार्वती की पूजा करते हैं। यदि ...और पढ़ें

काशी व‍िश्वनाथ मंद‍िर के करें Live दर्शन। फाइल फोटो

काशी व‍िश्वनाथ मंद‍िर के करें Live दर्शन। फाइल फोटो

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, वाराणसी। हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर महाशिवरात्रि मनाई जाती है। इस दौरान भक्त शिव जी की पूजा-अर्चना करते हैं। वहीं, इस दिन देशभर के शिव मंदिरों में भक्तों की भारी उमड़ती है। इस साल रविवार 15 फरवरी को महाशिवरात्रि है। इस दिन काशी व‍िश्वनाथ मंदिर के लाइव दर्शन कर सकते हैं।

यह पर्व देवों के देव महादेव और जगत की देवी मां पार्वती को समर्पित होता है। इस शुभ अवसर पर भक्ति भाव से भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा की जाती है। ऐसा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में आने वाले संकट भी दूर होने लगते हैं।

काशी व‍िश्वनाथ मंदिर का Live दर्शन

अगर आप महाशिवरात्रि के दिन शिव जी के दर्शन के लिए काशी व‍िश्वनाथ मंदिर नहीं जा पा रहे हैं, तो घर बैठे भी लाइव दर्शन कर सकते हैं। इसके लिए Shree Kashi Vishwanath Mandir Trust के YouTube चैनल पर काशी व‍िश्वनाथ के लाइव दर्शन कर सकते हैं।

यहां करें काशी व‍िश्वनाथ मंदिर के लाइव दर्शन- https://www.youtube.com/watch?v=43rqfjiyBTQ

महाशिवरात्रि शुभ मुहूर्त

वैदिक पंचांग अनुसार, रविवार 15 फरवरी 2026 को शाम 05 बजकर 04 मिनट पर फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरुआत होगी। वहीं, सोमवार 16 फरवरी को शाम 05 बजकर 34 मिनट पर चतुर्दशी तिथि का समापन होगा। महाशिवरात्रि पर निशा काल में शिव-शक्ति की पूजा की जाती है। इसके लिए रविवार 15 फरवरी को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी।

महाशिवरात्रि पूजा विधि

इस दौरान सुबह स्नान करने के बाद शिव जी का ध्यान करना चाहिए। इसके साथ ही, महाशिवरात्रि पर इस विधि से शिव जी की पूजा करने से परेशानियों से छुटकारा मिलता है।

  • सुबह उठकर घर की साफ-सफाई करें और गंगाजल से पवित्र करें।
  • पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
  • आचमन कर श्वेत वस्त्र धारण करें।
  • लोटे में जल लेकर सूर्य देव को जल का अर्घ्य दें।
  • गंगाजल, दूध, दही, पंचामृत, शहद आदि चीजों से अभिषेक करें।
  • पूजा के समय भगवान शिव को 3 पत्तियों वाला बेलपत्र, धतूरा, मदार के फूल, बेर, फल और मिठाई आदि चीजें अर्पित करें।
  • अब शिव चालीसा का पाठ और मंत्र का जप करें।
  • शुद्ध घी का दीपक जलाकर शिव-शक्ति की आरती करें।
  • पूजा के बाद दान अवश्य करें।

यह भी पढ़ें- महाशिवरात्रि 2026: 15 फरवरी को आराधना का महासंयोग, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पौराणिक महत्व