जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन लखनऊ की टीम का वाराणसी में एक साथ 30 स्थानों पर छापेमारी
त्योहारी सीजन में शुद्ध खाद्य पदार्थ सुनिश्चित करने के लिए वाराणसी में जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने व्यापक छापेमारी ...और पढ़ें

वाराणसी में दीपावली से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, 30 दुकानों पर छापेमारी।
HighLights
त्योहारी सीजन में शुद्ध खाद्य पदार्थ सुनिश्चित करने हेतु अभियान।
लखनऊ और स्थानीय टीमों ने 30 स्थानों पर की जांच।
मिलावट पाए जाने पर दुकानदारों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। त्योहारी सीजन को देखते हुए शुद्ध मिठाई और नमकीन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान शुरू कर दिया है। गांव से लेकर शहर तक फैले इस अभियान में मिठाई और नमकीन की दुकानों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
लखनऊ और जिले की संयुक्त टीम कुल 30 टीमें गठित की गई हैं। प्रत्येक टीम में तीन सदस्य शामिल हैं, जो खाद्य सुरक्षा अधिकारी, खाद्य निरीक्षक और सहायक कर्मियों से मिलकर बनी हैं। ये टीमें सुबह से देर शाम तक विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण कर रही हैं। अभियान के तहत शहर के मुख्य बाजारों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों की छोटी-बड़ी दुकानों और निर्माण इकाइयों की भी जांच की जा रही है।
टीमों द्वारा मिठाई बनाने में प्रयुक्त खोया, मावा, पनीर, घी और रंग-रसायन की गुणवत्ता की गहन जांच की जा रही है। साथ ही नमकीन की दुकानों से तेल की गुणवत्ता, साफ-सफाई और भंडारण व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है। कई जगहों से सैंपल एकत्र कर प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि मिलावट या अस्वच्छता पाए जाने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना, दुकान सील करने और कानूनी प्रक्रिया शुरू करने तक के कदम शामिल हैं।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी कौशलेंद्र शर्मा ने बताया कि दीपावली जैसे बड़े त्योहार से पहले उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा करना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने दुकानदारों से अपील की है कि वे शुद्ध सामग्री का ही प्रयोग करें और नियमों का पालन करें। आम नागरिकों से भी आग्रह किया गया है कि वे संदिग्ध गुणवत्ता वाली मिठाई या नमकीन खरीदने से बचें और किसी भी शिकायत पर विभाग को सूचित करें।
अभियान अगले कई दिनों तक जारी रहेगा। प्रशासन का दावा है कि गांव-शहर कोई फर्क नहीं, हर जगह समान रूप से जांच की जा रही है ताकि उपभोक्ताओं को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ मिल सकें।
