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दाम में कम, लिथियम जैसा दम, ग्रिड की जरूरत कर देगी खत्‍म, जिंक अल्केलाइन एक्वस बैट्री

By shailesh asthanaEdited By: Abhishek sharma
Published: Fri, 26 Jun 2026 03:53 PM (IST)

आईआईटी बीएचयू के विज्ञानियों ने लिथियम के समान क्षमता वाली स्वदेशी एक्वस जिंक अल्केलाइन बैट्री विकसित की है, जो सस्ती ...और पढ़ें

आईआईटी बीएचयू ने बनाई एक्वस जिंक अल्केलाइन बैट्री, सौर ऊर्जा संग्रहण में क्रांतिकारी बदलाव।

आईआईटी बीएचयू ने बनाई एक्वस जिंक अल्केलाइन बैट्री, सौर ऊर्जा संग्रहण में क्रांतिकारी बदलाव।

HighLights

  1. आईआईटी बीएचयू ने स्वदेशी एक्वस जिंक अल्केलाइन बैट्री बनाई।

  2. यह लिथियम बैट्री के समान क्षमता वाली, दाम में सस्ती है।

  3. सौर ऊर्जा संग्रहण और लेड बैट्री विस्थापन में सहायक होगी।

शैलेश अस्थाना, जागरण, वाराणसी। आइआइटी बीएचयू के विज्ञानियों ने इस बार पूरी तरह स्वदेशी एक्वस जिंक अल्केलाइन बैट्री तैयार की है। लिथियम बैट्री की तरह भरपूर संचयन क्षमता से युक्त यह कीमत में तो उससे कम होगी लेकिन घरेलू, व्यावसायिक व औद्योगिक क्षेत्र के लिए उपयोगी होगी। ऊर्जा के संग्रहण की भरपूर क्षमता होने के कारण इस बैट्री से सौर ऊर्जा का भरपूर उपयोग किया जा सकता है।

खोजकर्ता विज्ञानी डा. प्रीतम सिंह का दावा है कि इसका उपयोग आरंभ हुआ तो देश सौर ऊर्जा में आत्मनिर्भर हो जाएगा। यह बैट्री पर्यावरण के लिए सतत ऊर्जा का संग्राहक बनेगी और घातक लेड बैट्री को पूरी तरह से विस्थापित कर देने की क्षमता रखती है। इससे स्थानीय स्तर पर माइक्रो लेवल ग्रिड बनाए जा सकते हैं। विज्ञानियों ने इसका प्रोटोटाइप तैयार कर लिया है।

कैसे कार्य करती है बैट्री
डा. सिंह ने बताया कि इस बैट्री के लिए संस्थान में ही नए निकिल कोबाल्ट फास्फेट बेस्ड कैथोड मैटेरियल विकसित किए गए जो आधार द्रव्य (क्षारीय घोल) इलेक्ट्रोलाइट से एनायन (हाइड्राक्साइड आयन) का स्थानांतरण करते है। इससे बैटरी में चार्जिंग के समय बिजली या ऊर्जा का संग्रहण होता है।

इस एक्वस जिंक बैटरी में ऊर्जा संग्रहण व संरक्षण की क्षमता सामान्य रूप से घरों से लेकर उद्याेगों तक में प्रचलित लेड एसिड बैट्री से लगभग तीन गुना और लिथियम आयन बैटरी के लगभग बराबर है। एक्वस बेसिक इलेक्ट्रोलाइट (क्षारीय तरल द्रव) के उपयोग के कारण ये जिंक बैटरी अत्यंत त्वरित गति से चार्ज एंड डिस्चार्ज की जा सकती है। लेड एसिड बैट्री की संग्रहण और बैकअप क्षमता से तीन गुना अधिक शक्तिशाली हाेने के कारण यह सौर ऊर्जा के संग्रहण व संरक्षण में अत्यंत उपयोगी साबित होगी।

बनाए जा सकेंगे प्रत्येक मुहल्ले में मिनी ग्रिड
दावा है कि अभी जितनी क्षमता की लेड बैट्री घरों में प्रयोग होती है, वह औसतन छह घंटे बैकअप देती है, उसी आयतन और आकार की एक्वस जिंक अल्केलाइन बैट्री की संग्रहण क्षमता लेड बैट्री की तीन गुना होगी।

डा. प्रीतम सिंह बताते हैं कि बड़ी संग्रहण क्षमता वाली एक्वस जिंक अल्केलाइन बैट्रियों को जोड़कर हर गांव-मुहल्ले में मिनी ग्रिड बनाए जा सकेंगे लेकिन तब इसे त्वरित गति से चार्ज करने के लिए इन्वर्टर में सिलिकान सेमी कंडक्टर की बजाय अधिक संग्रहण क्षमता वाले सिलिकान कार्बाइड सेमी कंडक्टर आधारित इन्वर्टर की आवश्यकता होगी। उन्होंने बताया कि इस शोध के लिए संस्थान को वित्तीय व तकनीकी सहायता सेलग्रिड एनर्जी ने उपलब्ध कराई थी।

चीन पर कम होगी लिथियम आयात की निर्भरता
डा. सिंह ने कहा कि हमारा देश जिंक का सबसे बड़ा उत्पादक है, इसलिए देश में जिंक की कोई कमी नहीं है। यह बैट्री जिंक आधारित और लिथियम के बराबर संग्रहण क्षमता वाली है, इसके प्रयोग में आने पर लिथियम के आयात के लिए चीन पर निर्भरता कम होगी।

इस बैट्री से संबंधित शोध जनरल आफ पावर सोर्सस में प्रकाशित किया गया है। शोधकर्ताओं ने इसका पेटेंट भी प्राप्त कर लिया है। सेलग्रिड एनर्जी इसका 500 वाट से तीन किलोवाट का बैट्री पैक विकसित कर रही है जिसे इन्वर्टर में लगाया जा सके।