वाराणसी [विनय सिंह]। कोरोना वायरस की महामारी के दौरान पुलिस की पीरआरवी पर आ रही सूचनाओं में सर्वाधिक कोरोना संदिग्ध की हैं। पुलिस सड़कों पर मुस्तैद है, वहीं लोग घरों में कैद हैं। इसका असर अपराध की घटनाओं पर दिख रहा है। लोगों के सड़कों पर कम निकलने से दुर्घटनाएं भी कम हो रही हैं। चोरी व चेन स्नेेचिंग से परेशान शहरवासियों को राहत मिली है। हालात ऐसे हैं कि जहां पहले अपराधियों को पकडऩे में पुलिस हलकान रहती थी तो वहीं अब कोरोना संदिग्धों को दबोचने में व्यस्त है। 

शहर को लॉकडाउन हुए चार दिन बीते हैं। अगर लॉकडाउन के इन चार दिनों और लॉकडाउन के पहले के दिनों की तुलना करें तो अपराध में कमी साफ नजर आती है। लॉकडाउन के पहले के दिनों में शहर के थानों में करीब 25 से 30 मामले दर्ज होते थे, वहीं लॉकडाउन के चार दिन के भीतर यह आंकड़ा पांच से दस के अंदर सिमट गया है। लॉक डाउन से सबसे अधिक राहत चेन स्नेचिंग की घटनाओं में कमी आई है। इससे पहले लंका, मंडुआडीह व भेलूपुर में रोजाना दो-तीन चेन स्नेेचिंग की घटनाएं सामने आ रही थीं। पिछले दिनों सबसे ज्यादा चेन स्नेचिंग की घटनाएं मंडुआडीह में हुईं। जनता कफ्र्यू रविवार के दिन जिले में पीआरवी कंट्रोल सूचना पर 529 सूचनाओं में 259 सूचनाएं कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों की आई। लॉक डाउन के पहले दिन 692 से 393 सूचनाएं कोरोना को लेकर आईं। दूसरा दिन सबसे अधिक पीआरवी सूचनाओं का रहा है। 840 सूचनाओं में 594 सूचनाएं कोरोना वायरस को लेकर आईं। वहीं तीसरे दिन कोरोना वायरस की सूचनाएं सबसे अधिक रही 684 में 515 कोरोना वायरस को लेकर आ रही हैं। चौथे दिन पर आ रही सूचनाओं में 353 में 241 सूचनाएं कारोना वायरस की थीं।  

अपराधी भी हो गए भूमिगत 

सूत्रों का कहना है कि शहर में लॉक डाउन के पहले की तुलना में गंभीर अपराध दर्ज नहीं हुए हैं। एक सप्ताह पूर्व तक शहर के सभी थानों में अपराध के करीब 25 से 30 मामले दर्ज हो रहे थे। वहीं अब करीब समाप्त हो गए हैं। इसमें मारपीट, गुमशुदगी, चोरी और कुछ छिटपुट वारदात शामिल हैं। कोरोना वायरस की महामारी से निबटने के लिए लॉक डाउन से शहर में जगह-जगह पुलिस फोर्स की तैनाती से शातिर अपराधियों के हौसले भी पस्त नजर आ रहे हैं। पुलिस की जगह-जगह पर नाकेबंदी को देखते हुए रातों में घूमने-वाले अपराधिक किस्म के युवक फिलहाल भूमिगत हो गए हैं।

जमीन माफिया हुए सक्रिय 

लॉक डाउन के चलते कोर्ट बंद होने का सबसे अधिक फायदा जमीन माफिया उठा रहे हैं। विवादित जमीनों को लेकर दबंगों द्वारा रातों रात निर्माण कराया जा रहा है। कोर्ट से स्टे न होने के कारण ऐसे मामलों में पुलिस भी हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है। हालांकि पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ऐसे मामलों व लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। उनकी सूची तैयार कर जमीन माफियाओं पर शिकंजा करने की तैयारी चल रही है। 

कोरोना वायरस की महामारी को लेकर पुलिस प्रशासन सक्रिय

कोरोना वायरस की महामारी को लेकर पुलिस प्रशासन सक्रिय है। पूरे शहर में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है। शहर में आपराधिक घटनाओं में कमी आई है। डायल 112 की सूचनाओं में वृद्धि हुई है। सबसे ज्यादा सूचनाएं कोरोना वायरस के संदिग्ध लोगों की आ रही है। लोगों से अपील है कि घर में रहे सुरक्षित रहे।'

-मार्तंड प्रताप सिंह, नोडल प्रभारी डायल 112 वाराणसी।

Posted By: Abhishek Sharma

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