वाराणसी, जेएनएन। शनि‍वार को बीएचयू से प्राप्‍त रि‍पोर्ट के अनुसार 132 नये कोरोना पॉजि‍टि‍व केस मि‍ले हैं। वहीं बीते 24 घंटे में 4 कोरोना मरीजों की मौत की पुष्‍टि‍ सुबह और शाम की मेडि‍कल बुलेटि‍न में की गयी है। इस प्रकार वाराणसी में कोरोना से मौत का आंकड़ा 100 पहुंच गया है। शाम को जारी हुई मेडि‍कल बुलेटि‍न के अनुसार शनि‍वार को दो मरीजों की मौत हुई है, जबकि‍ सुबह जारी हुई बुलेटि‍न में भी शुक्रवार शाम सात बजे से शनि‍वार दोपहर 11 बजे तक दो मरीजों की मौत हुई थी। इस प्रकार बीते 24 घंटे में चार मरीजों की मौत हो चुकी है। मेडि‍कल बुलेटि‍न के अनुसार शनि‍वार को 152 मरीज होम आइसोलेशन से जबकि‍ 43 मरीज अस्‍पताल से स्‍वस्‍थ होने के बाद डि‍स्‍चार्ज कि‍ये गये हैं। इस प्रकार आज कुल 195 मरीज ठीक हुए हैं।

जि‍ले में अबतक 5399 कोरोना पॉजि‍टि‍व मरीज मि‍ल चुके हैं। इनमें से 3827 मरीज ठीक होने के बाद डि‍स्‍चार्ज कि‍ये जा चुके हैं। वहीं जि‍ले में एक्‍टि‍व कोरोना पॉजि‍टि‍व मरीजों की संख्‍या 1472 है। अबतक 100 कोरोना संक्रमि‍त मरीज इस लाइलाज बीमारी के चलते दम तोड़ चुके हैं। तेजी से फैल रहे संक्रमण के बीच जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने सीएचसी व पीएचसी स्तर पर सैंपलिंग दर बढ़ाने को लेकर प्रयासरत हैं। जिले में अब कुल कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 5267 हो गई है। वहीं इनमें से 3632 मरीज ठीक होकर अपने घरों को जा चुके हैं। जबकि जिला अस्पताल में रोहनिया निवासी 63 वर्षीय पुरुष व मेडविन हॉस्पिटल में 80 वर्षीय पुरुष की इलाज के दौरान मौत हो गई। जिले में अब कुल 1539 सक्रिय कोरोना मरीज हैं।

गंभीर मरीजों की हो निश्शुल्क जांच : कमिश्नर

जिले में सर्विलांस अभियान के तहत खोजे गए डायबिटीज, हाइपरटेंशन, हृदय, गर्दा आदि के रोगों सहित अन्य गंभीर बीमारियों से पीडि़त लोगों के ऑक्सीजन स्तर की निगरानी का प्रबंधन करने का निर्देश शुक्रवार को कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने स्वास्थ्य विभाग को दिए। सायंकालीन बैठक में उन्होंने चिकित्सीय व्यवस्था की समीक्षा की। कहा जहां तक संभव हो ऐसे व्यक्तियों को स्वयं भी पल्स ऑक्सीमीटर अपने पास रखना चाहिए। उससे बराबर जांच करते रहें और सुनिश्चित करें की ऑक्सीजन का स्तर 95 से अधिक बना रहे। वहीं सघन सर्विलांस अभियान के माध्यम से जिले में यह सुनिश्चित करें कि कोविड-19 के संक्रमण का खतरा कम हो और इसके लिए आवश्यक है कि कोरोना से मिलते जुलते लक्षण वाले व्यक्तियों एवं को-मॉबिटिक मरीजों को खोजकर समय से उनकी जांच व उपचार किया जाए। वहीं जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कहा कि पहले से गंभीर बीमारियों का इलाज करा रहे लोग अपने ऑक्सीजन स्तर की नियमित जांच करते रहें। कहा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, मंडलीय अस्पताल, जिला अस्पताल, लाल बहादुर राजकीय चिकित्सालय-रामनगर के अलावा चैरिटेबल अस्पतालों में पल्स ऑक्सीमीटर द्वारा आक्सीजन की निश्शुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध है, मरीज इस सुविधा का लाभ उठाएं। इस अवसर पर आइएएस ऋषिरेन्द्र कुमार एवं आइएएस अमित कुमार सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. वीबी सिंह आदि थे।

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