वाराणसी, जेएनएन। बेसिक शिक्षा विभाग ने जनपद के प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत 6600 अध्यापकों की सूची आयकर विभाग को सौंपी है। आयकर विभाग से अध्यापकों के पैन कार्ड नंबर का सत्यापन करने का अनुरोध किया गया है। साथ ही किन अध्यापकों का पैन नंबर आधार नंबर से लिंक है। आयकर विभाग से इसकी भी सूचना मांगी गई है।

दरअसल सूबे के विभिन्न परिषदीय विद्यालयों में 192 शिक्षक ऐसे मिले हैं जो एक ही पैन नंबर पर दो-दो जनपदों में वेतन उठा रहे हैं। वहीं जनपद में भी इस तरह के छह शिक्षक चिह्नित किए गए हैं। बीएसए राकेश ङ्क्षसह गत दिनों इन शिक्षकों को नोटिस भी दे चुके हैं। इन शिक्षकों से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसमें एक शिक्षक को छोड़कर पांच ने नोटिस का जवाब भी दे दिया है। जांच टीम को एक शिक्षक के जवाब का अब भी इंतजार है। बीएसए का कहना है कि पूर्व माध्यमिक विद्यालय (मुरेरी-चोलापुर) के सहायक अध्यापक महात्मा यादव जवाब देने में हीलाहवाली कर रहे हैं। ऐसे में दो दिन और इंतजार करने के बाद उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि पैन नंबर के फर्जीवाड़े को देखते हुए अब सभी शिक्षकों के पैन की जांच कराई जा रही है। यही नहीं पैन नंबर से आधार नंबर के ङ्क्षलक का परीक्षण किया जाएगा। सभी शिक्षकों को पैन नंबर को आधार नंबर से ङ्क्षलक कराने का निर्देश काफी पहले ही दिया गया था।

एक ही अध्यापक दो जिलों से उठा रहे वेतन

परिषदीय विद्यालयों में भी कई अनामिका शुक्ला छिपे हुए हैं। जांच में फर्जी अभिलेखों पर नौकरी कर रहे अध्यापकों की अब पोल खुल रही है। काशी विद्यापीठ ब्लाक स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय (पिलखिनी) प्रवीण कुमार यादव के नाम पर अमेठी में भी एक अध्यापक नौकरी कर रहे हैं। खास बात यह है कि दोनों का जन्म तिथि, पिता का नाम व अंकपत्र भी एक सामान है। अमेठी के बीएसए ने इसकी पुष्टि कर दी है। इसे देखते हुए बीएसए राकेश सिंह ने प्रवीण कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी में जुटे हुए हैं। उन्हें दो दिनों में बर्खास्त भी किए जा सकते हैं।

कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय तथाकथित शिक्षिका अनामिका शुक्ला के नियुक्ति के प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए सूबे के सभी केजीबीवी की अध्यापिकाओं की नियुक्ति की जांच कराने का निर्देश दिया है। यही नहीं बेसिक शिक्षा विभाग, यूपी बोर्ड से संचालित माध्यमिक विद्यालयों, महाविद्यालयों से लगायत विश्वविद्यालय तक के शिक्षकों के अभिलेख खंगाले जा रहे हैं। शिक्षा विभाग में वर्षों पहले हुई नियुक्तियों की पत्रावली एक बार फिर से खुल गई है। इसे लेकर प्राथमिक से लगायत उच्च शिक्षा विभाग में खलबली मची हुई है। बहरहाल परिषदीय विद्यालयों के अध्यापकों के अभी पैन कार्ड नंबर का सत्यापन कराया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में सूबे में 192 ऐसे अध्यापक मिले हैं जो एक ही पैन नंबर पर दो-दो जिलों में वेतन उठा रहे हैं। जनपद में ऐसे छह शिक्षक चिन्हित किए गए हैं। उन्हें नोटिस भी दी गई है। इसमें से एक प्रवीण कुमार भी शामिल है। बीएसए राकेश सिंह ने बताया कि ऐसे अध्यापकों को समस्त शैक्षिक मूल प्रमाणपत्रों, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, अस्थाई व स्थाई पता का साक्ष्य, बैंक पासबुक की जांच जारी है।

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