वाराणसी, जेएनएन। ज्योति पर्व दीपावली से लेकर अनूठे जल उत्सव देवदीपावली तक शहर के चौराहे और घाट विद्युत झालरों से रोशन होंगे। इसमें हर चौराहा विशेष थीम पर सजाया जाएगा तो घाटों पर उसका महात्म्य दर्शाया जाएगा। नगर निगम ने इसका खाका खींचने के साथ सर्वे भी शुरू कर दिया है। इस संबंध में महापौर मृदुला जायसवाल ने मंगलवार को नगर निगम व जल कल विभाग के अफसरों संग बैठक कर समीक्षा की।

इसमें बताया गया कि सुपरवाईजरों व अभियंताओं ने चौराहों, घाटों, सड़कों व धर्म स्थलों की सूची बनानी शुरू कर दी है। स्ट्रीट लाईट जहां कहीं भी खराब हैैं, उन्हें तत्काल दुरूस्त करने का निर्देश दिया गया है। इसी साल जनवरी में तीन दिनी प्रवासी दिवस के दौरान भी पूरे शहर को सजाया गया था। इसके लिए विदेश मंत्रालय से विशेष फंड भी जारी किया गया लेकिन इस बार नगर निगम यह खर्च खुद उठाएगा। 

इस दौरान समूची काशी रात भर रोशनी से नहाई हुई नजर आएगी। इसके लिए प्रशासन की मंशा पर्यटन को शहर में बढावा भी देना है क्‍योंकि अब विदेशी पर्यटकों के आगमन का सीजन भी शुरू हो चुका है। ऐसे में काशी की साज सज्‍जा पर्यटकों को यहां पर अनाेखा अहसास देगी। इसके साथ ही काशी की परंपराओं को देखकर लंबे समय तक लोग इसे संजोना भी चाहेंगे।

सफाई के लिए दस सदस्यीय क्यूआरटी

 ज्योति पर्व से लेकर देव दीपावली तक शहर में विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। गंदगी की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई के लिए सफाई कर्मियों की 10 सदस्यीय क्विक रिस्पांस टीम बनाई गई है। सीवर व सफाई की शिकायत मिलते ही टीम जरूरत अनुसार तत्काल पहुंचेगी। इसकी मानीटङ्क्षरग खुद महापौर करेंगी। 

हर दो वार्ड पर एक सुपरवाईजर

जलकल से संबंधित समस्याओं के निस्तारण के हर दो वार्ड पर एक सुपरवाईजर तैनात रहेगा। इनके अधीन दो-दो आउटसोर्सिंग सफाईकर्मी लगाए जाएंगे। इस तरह 45 सीवर सुपरवाईजर तैनात किए जाएंगे।

Posted By: Abhishek Sharma

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