वाराणसी, जागरण संवाददाता। जनपद में अचानक से डेंगू के मामले में वृद्धि होने लगी है। साेमवार तक अलग-अलग इलाके से हास्पिटलों में नौ से अधिक मामले सामने आए हैं। हालांकि स्वास्थ्य महकमा इनमें से केवल दो की ही पुष्टि कर पाया है, जबकि दो के सैंपल बीएचयू स्थित माइक्रोबायोलाजी लैब भिजवाए हैं। ऐसे में रैपिड टेस्ट में डेंगू मिलने पर इसकी जानकारी छिपाने को लेकर स्वास्थ्य विभाग अब सख्त हो गए है। ताकीद की है कि डेंगू की सूचना न देने वाले निजी लैब अथवा हास्पिटल संचालकों के लाइसेंस भी रद किए जा सकते हैं।

जिला मलेरिया अधिकारी डा. शरद चंद पांडेय के मुताबिक मई से ही बारिश हो रही है। ऐसे में डेंगू के केस मिलना स्वभाविक है। निजी लैब व निजी हास्पिटल संचालकों को निर्देश दिया गया है कि रैपिड टेस्ट में डेंगू मिलने पर पुष्टि के लिए सैंपल माइक्रोबायोलाजी लैब-बीएचयू या डीडीयू की लैब में अनिवार्य रूप से भेजें। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना दें, ताकि संबंधित क्षेत्र में सोर्स रिडक्शन व एंटी लारवल का काम कराया जा सके और बीमारी की ससमय नियंत्रित किया जा सके। शहरी क्षेत्र में 18 लोगों की टीम मलेरिया विभाग के पास है। संचारी रोग अभियान के तहत पूर्व निर्धारित जगहों के अलावा डेंगू मरीज मिलने वाले क्षेत्रों में भी सोर्स रिडक्शन व एंटी लारवल का काम कराया जा रहा है। अभी तक सुंदरपुर व लंका क्षेत्र के एक-एक मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। वहीं ककरमत्ता व लंका क्षेत्र के दो मरीजों के सैंपल पुष्टि के लिए बीएचयू लैब भेजे गए हैं, जबकि अभी तक एक अज्ञात है।

निजी लैबों व हास्पिटल को मरीज मिलते ही सूचित करने का निर्देश दिया गया

निजी लैबों व हास्पिटल को मरीज मिलते ही सूचित करने का निर्देश दिया गया है। इसमें कोताही करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

- डा. वीबी सिंह, सीएमओ।

Edited By: Saurabh Chakravarty